अमर उजाला ब्यूरो
शाहतलाई (बिलासपुर)। तलाई बाजार स्थित मंदिर के पास बट वृक्ष के पास स्थित एक ढाबे में गैस रिसाव से आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि कुछ ही देर में पूरी की पूरी दुकान जलकर राख हो गई। जबकि आसपास की दुकानों को दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद बचाया। आग लगने से दुकानदार को करोड़ों का नुकसान हुआ है। जबकि दमकल विभाग ने आसपास की दुकानों से करोड़ों रुपये के सामान को भी बचाया गया है। मौके पर झंडूता विधायक जेआर कटवाल व एसडीएम भी मौके पर पहुंच गए थे।
जानकारी के अनुसार शाहतलाई बाजार में नरेश शर्मा व प्रविंद्र शर्मा पुत्र जगतराम गांव व डाकघर तलाई तहसील झंडूता बिलासपुर ढाबा चलाते हैं। इसके साथ ही वह यहां पर आइसक्रीम के होलसेल के व्यापारी भी हैं जिससे इन्होंने दुकान के अंदर कई फ्रिज व आइसक्रीम बेचने के लिए रेहड़ियां भी रखी हुई थीं। दोपहर करीब तीन बजे के बाद जैसे की ढाबे के रसोई में चूल्हा जलाया गया, अचानक ही वहां पर आग भड़क उठी। इससे पहले की कोई कुछ कर पाता आग ने पूरे ढाबे को चपेट में ले लिया।
दुकान के अंदर 20 से ज्यादा आइसक्रीम के फ्रिज, आइसक्रीम बेचने के लिए रेहड़ियां व अन्य जरूरी सामान रखा गया था। आग लगने के बाद ढाबे के अंदर रखे दो सिलेंडर भी फट गए। हालांकि किसी भी तरह की जान का नुकसान नहीं हुआ है। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया लेकिन आग पर काबू पाए जाने तक पूरे का पूरा ढाबा राख हो चुका था, जबकि साथ लगते स्लेटपोश मकान को भी नुकसान हुआ है। वहीं घटना स्थल पर झंडूता विधायक जेआर कटवाल, एसडीएम झंडूता, तहसीलदार सहित अन्य सभी पहुंच गए थे।
इनसेट..
आसपास की दुकानों को पहुंचा नुकसान
आग लगने से साथ लगती वसिम, नीलम व कालासिंह की मनियारी की दुकान को भी नुकसान हुआ है। जबकि दो मंजिला स्लेटपोश मकान भी आग की चपेट में आया है। मनियारी की दुकान करने वाले दुकानदारों का कहना है कि आग लगने के डर से उन्होंने सारा का सारा सामान बाहर निकाल दिया था लेकिन अब वह किसी काम का नहीं रह गया है। वहीं दो मंजिला स्लेटपोश मकान में भी किरायेदारों ने अपना पूरा का पूरा सामान बाहर निकाल दिया था।
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प्रभावितों को दी फौरी राहत : एसडीएम
एसडीएम नवीन शर्मा ने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को आर्थिक तौर पर फौरी राहत दी गई है। उन्होंने बताया कि ढाबा चलाने वाले दोनों मालिकों को दस-दस हजार रुपये और आसपास के छह दुकानों के मालिकों को पांच-पांच हजार रुपये दिए गए हैं।
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