अमर उजाला ब्यूरो
जामली (बिलासपुर) राष्ट्रीय राजमार्ग चंडीगढ़-मनाली पर गंभरपुल के पास देर रात दोबारा से भू-स्खलन हो जाने से सात घंटों के लिए दोबारा से हाईवे ठप हो गया था। दोनों और सात किलोमीटर लंबा जाम लग गया जिसमें एंबुलेंस भी फंसी रही। जबकि एक एंबुलेंस स्किड होकर नाली में जा घुसी। कुछ ट्रक स्किड होने से गहरी खाई में गिरते-गिरते भी बचे हैं।
मौके पर लोनिवि और पुलिस विभाग को जाम खोलने के लिए कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की ओर से बेतरतीब तरीके से वाहनों को फंसाने से जाम और भी बढ़ गया। स्थानीय वाहन भी जाम में फंसे रहे, जबकि सरकारी बसें भी जाम में फंसी रहीं। करीब पांच से छह घंटे देरी से बसें अपने गंतव्य तक पहुंची। जाम के कारण एक एंबुलेंस स्किड होकर नाली में जा घुसी, लेकिन गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई। जबकि गंभरपुल के पास एक ट्रक स्किड होकर खाई में गिरने से बचा क्योंकि सड़क पर दलदल हो गई थी। इसके कारण ट्रक आगे नहीं बढ़ पाया। बाद में सड़क के सुख जाने पर मशीन से ट्रक को धक्का दिया गया और वहां से ट्रक को निकाला गया। जाम में कॉलेज और सरकारी कार्यालय के कर्मचारी भी फंसे रहे। लगातार लगने वाले जाम से यहां पर प्रशासन की व्यवस्था बनाए रखने की भी पोल खुल गई है।
इनसेट...
एंबुलेंस स्किड होने से नुकसान नहीं हुआ
वहीं जाम लगने से चडीगढ़-मनाली हाईवे पर एक एंबुलेंस फंस गई थी। जबकि एक एंबुलेंस तो स्किड होने से नाली में लुढ़क गई। हालांकि हादसे में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ लेकिन शुक्रवार को भी जाम में एक एंबुलेंस के फंस जाने से महिला की बीच रास्ते में ही मौत हो गई थी। प्रशासन को चाहिए कि वह यहां पर पुलिस बल तैनात करे ताकि एंबुलेंसों को निकाला जा सके। जिस तरह चालकों की ओर से बेतरतीब तरीके से वाहनों को हाईवे में फंसा दिया जाता है उससे जाम लग जाता है और एंबुलेंस जाम में फंस जाती है।
इनसेट....
बरसात में यहां पर पुलिस बल तैनात किया जाए
वहीं सदर के पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा का भी कहना है कि चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर जाम लगना आम हो गया है। कभी भी यहां पर जाम लग जाता है। वहीं पुलिस तैनात न होने से यहां पर वाहन चालक बेतरतीब तरीके से वाहनों को जहां-तहां फंसा देते हैं जिससे जाम और लंबा हो जाता है। प्रशासन को चाहिए कि यहां पर बरसात के मौसम में पुलिस बल तैनात किया जाए ताकि जाम की समस्या से लोगों को रोजाना न जूझना पड़े।
---------------