-विधायक कटवाल ने जोन स्तर पर की जा रही प्रतियोगिता को 30-30 हजार रुपये देने का किया एलान
-बोले, अगली बार सभी प्रतिभागी महिलाओं को ट्रैक सूट देने की भी की घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। महिला सशक्तिकरण के मद्देनजर झंडूता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जीतराम कटवाल की ओर से आयोजित की जा रही महिलाओं की खेलकूद व सांस्कृतिक प्रतियोगिता के प्रति नारी शक्ति का उत्साह देखते ही बन रहा है। शनिवार को शाहतलाई जोन की प्रतियोगिता में 32 महिला मंडलों के माध्यम से लगभग 600 महिलाओं ने भाग लिया।
मटकी फोड़ व म्युजिकल चेयर रेस जैसी मनोरंजक स्पर्धाओं में भाग लेने के साथ ही उन्होंने रस्साकशी में दमखम दिखाया। इसके अलावा उन्होंने सांस्कृतिक प्रतियोगिता के तहत लोकनृत्य व गायन स्पर्धाओं में भाग लेकर गीत-संगीत के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। विधायक ने जोन स्तर पर आयोजित की जा रही इस प्रतियोगिता के लिए 30-30 हजार रुपये देने का एलान किया। यह भी घोषणा की कि अगली बार सभी प्रतिभागी महिलाओं को ट्रैक सूट भी भेंट किए जाएंगे।
कहा कि भारतीय समाज में नारी हमेशा वंदनीय रही है। उसे मां लक्ष्मी, सरस्वती, दुर्गा और काली का स्वरूप माना जाता है। मां बच्चे की प्रथम शिक्षक होती है। लिहाजा बच्चे की सही ढंग से परवरिश करने के साथ ही परिवार और समाज के विकास के लिए महिला का खुद शिक्षित और सशक्त होना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार नारी सशक्तिकरण पर विशेष तवज्जो दे रही है। महिलाओं के हित में कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
विधायक कटवाल ने कहा कि देश के विकास के साथ ही मजबूत लोकतंत्र में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने उनके लिए संसद व विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि वे इन योजनाओं का लाभ बढ़-चढ़कर उठाएं। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ कार्यकर्ता राजो देवी को सम्मानित भी किया। खेलकूद प्रतियोगिता शुरू होने से पहले जीतराम कटवाल ने उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की धर्मपत्नी सिम्मी अग्निहोत्री के निधन पर शोक प्रकट करते हुए उनकी आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर झंडूता भाजपा मंडल अध्यक्ष रसम सिंह चंदेल, उपाध्यक्ष कमल, पंचायत समिति सदस्य शेर सिंह, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष कंचन धीमान व महामंत्री रानी देवी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं व अन्य लोग मौजूद थे।