अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में अधिग्रहण की गई भूमि की निशानदेही के लिए श्रीनयना देवी क्षेत्र के गांव जगातखाना के 13 भू-मालिकों ने नियमानुसार निशानदेही के लिए 2016 में आवेदन दिए थे, जिन पर तहसील स्वारघाट के अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से कार्रवाई नहीं की गई।
इससे असंतुष्ट भू-मालिकों ने 4-12-2017 को अधिवक्ता के माध्यम से मुख्य सचिव, सचिव (एचई) राज्यपाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व विभाग, डीसी मंडी, अंडर सचिव मुख्यमंत्री, डीसी बिलासपुर व तहसीलदार श्रीनयना देवी को नोटिस भेजे थे, जिसमें निशानदेही के पृष्ठ-10 के 10.7 की अवहेलना के बारे में लिखा था।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदनलाल शर्मा ने कहा कि इसके बाद अवर सचिव राज्यपाल व उप-सचिव राजस्व ने जिला राजस्व अधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई करने के बारे में लिखा जिसकी प्रतिलिपि अधिवक्ता को भेजी गई। इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी ने श्रीनयना देवी तहसीलदार को उचित कार्रवाई करने बारे में पत्र लिखा लेकिन किसी तरह की कोई भी कार्रवाई न होने पर फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने 24 अक्तूबर को एसडीएम श्रीनयना देवी को क्षेत्रीय कानूनगो स्वारघाट, पटवार वृत्त स्वाहण, टाली, कुटैहला, बैहल के पटवारियों के खिलाफ शिकायत भेजी जिसमें यह लिखा था कि जो फोरलेन से संबंधित रिकॉर्ड बनाया गया है वह पढ़ने योग्य नहीं है।
टाली के ग्रामीणों ने जिन्होंने निशानदेही के लिए आवेदन किया था उनकी निशानदेही नहीं हो रही है और उपायुक्त के आदेशों के बाद भी रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं किया जा रहा है जिस पर एसडीएम श्री नयना देवी ने अपने कार्यालय के पत्र संख्या ( एसडब्यूजी - एसएनडी - एसडीके - 91 / 2018 - 5019) दिनांक 28-11-2018 को समिति से उन मुख्यत: खसरा नंबरों व भू मालिकों की जानकारी मांगी। यह जानकारी समिति ने श्रीनयना देवी एसडीएम को उपलब्ध करवा दी है।
.......................................