प्रदेश सरकार के नियम स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों पर भारी
कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर नहीं दे रहा बच्चों को आरक्षण का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों रीनू ठाकुर, प्रियंका ठाकुर, अंकिता शर्मा, मंजूला शर्मा, रजनी, कोमल और पिंकी ने आरोप लगाया है कि सरकार के भेदभाव से उनके साथ अन्याय हो रहा है। स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है लेकिन सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है। सरकार के कई नियमों में सख्ती है जिससे स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों को विशेषता बेटियों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
हिमाचल प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों की पुत्री और उनके पोतियों को प्रदेश सरकार की ओर से नौकरी में आरक्षण दिया जाता है लेकिन खेद का विषय है कि पोतियों के विवाह होने के उपरांत इनको इस आरक्षण से वंचित कर दिया जाता है।
कुछ मामलों में शिक्षा निदेशालय शिमला विवाहित पुत्री व पोतियों को इस आरक्षण का लाभ देकर नौकरियां दे रहा है जोकि स्वतंत्रता सेनानियों की पुत्री और पोतियों का हक भी है मगर कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर की ओर से विज्ञापन प्रकाशित किया गया है कि पुत्री और पोतियों को उनकी शादी के बाद इस आरक्षण का कोई भी लाभ नहीं दिया जाएगा, जोकि इन विवाहित पुत्री और पोतियों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
शिक्षा निदेशालय शिमला और कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर दोनों इस आरक्षण को लेकर अलग-अलग नीति अपना रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को आदेश दें कि वो भी शिक्षा निदेशालय शिमला की तरह ही इस नीति का अनुसरण करें ताकि इन पुत्री और पोतियों को भी इस आरक्षण से लाभ मिल सकें।
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...खेमराज शर्मा।