- जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए लेना पड़ रहा उधार
- बार-बार आग्रह करने पर भी नहीं हो रहा समस्या का समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम रहे जिले के 510 होमगार्ड जवानों को दो माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे जवानों को भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए उधार लेने को मजबूर हैं।
यह जवान विभाग से बार-बार मानदेय जारी करने का आग्रह कर रहे है, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि जैसे ही बजट मिलेगा वैसे ही उनका मानदेय जारी कर दिया जाएगा। होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन बिलासपुर के अध्यक्ष विजय धर्माणी ने बताया कि जिले में होमगार्ड के 510 जवान थानों, चौकियों और फायर स्टेशनों में ठंड में दिन-रात अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। फिर भी उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें पिछले दो महीनों से मानदेय नहीं मिला है। इस कारण जवानों को परिवार का पालन पोषण करने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जवानों को बच्चों की फीस से लेकर कई प्रकार के खर्चे हैं, जिनका निर्वहन करने में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि मानदेय न मिलने के कारण वह लोग उधार पैसे लेकर काम चलाने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि विभाग से बार-बार आग्रह करने के बावजूद उन्हें उनका मेहनताना नहीं मिल रहा है। महंगाई के इस दौर में उन्हें बिना पैसों के जीवन यापन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से एक बार फिर से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द उनका मानदेय दिया जाए, ताकि अपने परिवार का भरण पोषण ठीक ढंग से कर सकें।
कोट
अग्निशमन विभाग में कार्यरत जवानों को उनका वेतन दे दिया गया है, लेकिन पुलिस विभाग में कार्यरत जवानों को बजट न होने के कारण वेतन नहीं मिल पाया है। विभाग ने सरकार से बजट की मांग की है। उम्मीद है जल्द ही बजट आ जाएगा। इसके बाद मानदेय जारी कर दिया जाएगा।
- कुशल कटोच, कमांडेंट, होमगार्ड बिलासपुर