मकर संक्रांति के अवसर पर मार्कडेंय में स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
ब्रह्म मुहूर्त से ही उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, लंगरों में परोसी गई पारंपरिक खिचड़ी और फलाहार
सोलन, शिमला, मंडी और हमीरपुर के अलावा पंजाब व हरियाणा से पहुंचे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल और महर्षि मार्कंडेय जी की तपोभूमि मार्कंडेय में मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा से मनाया गया। इस शुभ अवसर पर हिमाचल प्रदेश और पड़ोसी राज्यों से आए करीब पांच हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र जलधारा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सोलन, शिमला, मंडी और हमीरपुर के अलावा पंजाब व हरियाणा से भारी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ निजी वाहनों में तड़के ब्रह्म मुहूर्त में ही मार्कंडेय पहुंचना शुरू हो गए थे। पवित्र स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर महर्षि मार्कंडेय जी के मंदिर में पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। मकर संक्रांति के विशेष महत्व को देखते हुए क्षेत्र में लंगरों का आयोजन किया गया। स्थानीय निवासी डॉ. प्रेमलाल शर्मा, बाबूराम ठाकुर, नरेंद्र शर्मा, चैतन्य शर्मा और नरेश शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से विशाल लंगर लगाया गया। इसमें श्रद्धालुओं को पारंपरिक रूप से खिचड़ी, देसी घी और दही परोसा गया। स्वारघाट से आए श्रद्धालुओं की टोली की ओर से फल और अन्य फलाहार का प्रबंध किया गया था। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन मार्कंडेय की पवित्र जलधारा में स्नान करने से न केवल विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि व्यक्ति को पूर्व जन्म के पापों से भी मुक्ति मिलती है। इसी अटूट विश्वास के कारण दिनभर तीर्थ स्थल पर जयकारों की गूंज और धार्मिक वातावरण बना रहा।
मकर संक्रांति के अवसर पर मार्कडेंय में स्नान करते श्रद्धालु। संवाद