शाहतलाई (बिलासपुर)। उत्तरी भारत की प्रसिद्ध धार्मिक स्थली एवं तपोस्थली शाहतलाई में 14 मार्च से 13 अप्रैल तक चैत्र मेले होंगे। मंदिर न्यास तलाई के लंगर हाल में वीरवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक उपायुक्त विवेक भाटिया की अध्यक्षता में हुई। इस मौके पर विधायक जीतराम कटवाल भी उपस्थित रहे।
मेलों के दौरान सफाई व्यवस्था और शौचालय की देखरेख नगर पंचायत तलाई करेगी। व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए जिला प्रशासन व्हाट्सएप नंबर जारी करेगा ताकि आम जनता और श्रद्धालु शौचालय की व्यवस्था बारे अवगत करवा सकें।
नगर पंचायत सफाई व्यवस्था के लिए अतिरिक्त 30 कर्मचारी तैनात करेगी। मेलों के दौरान सेप्टिक टैंक की गंदगी खुले में छोड़ने पर 25 हजार जुर्माना के साथ भवन सील भी हो सकता है।
मेला प्रशासन एसडीएम झंडूता व सहायक मेला अधिकारी तहसीलदार झंडूता और मेला पुलिस अधिकारी डीएसपी घुमारवीं होंगे। सुरक्षा की दृष्टि से 90 होमगार्ड और अतिरिक्त पुलिस व्यवस्था रहेगी। बच्छरेटू मंदिर में भी पुलिस की व्यवस्था पहले की तरह रहेगी। क्षेत्र को 5 सेक्टरों में बांटा जाएगा। क्षेत्र वाइज भी मेला अधिकारी नियुक्त रहेंगे। रेहड़ी लगाने पर बाजार में प्रतिबंध रहेगा। ढोल, स्पीकर पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। लेकिन छोटी ढोलकी व विशेष कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति अनिवार्य रहेगी।
खुले में लंगर लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सड़क से 10 मीटर हटकर मेला प्रशासन से परमिशन ले सकेंगे। 10 हजार धरोहर राशि जमा करवानी पड़ेगी और अगर साफ -सफाई व्यवस्था बेहतर रही तो 5 हजार रुपये संबंधित एरिया पंचायत वापस करेगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए पूर्व की भांति मिनी बस परिवहन निगम चलाएगा। वहीं टैक्सी ऑपरेटर एक माह के लिए श्रद्धालुओं से 15 रुपये किराया दियोटसिद्ध के लिए लेंगे। ऊना की ओर सायंकाल को अतिरिक्त बस सेवा की परिवहन निगम व्यवस्था करेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त शौचालय व्यवस्था भी मेला दौरान की जाएगी। मंदिर न्यास 40 अतिरिक्त कर्मचारी मेला प्रबंधन के लिए तैनात करेगा।
बैठक में एसडीएम झंडूता विकास शर्मा, एसडीएम बड़सर विशाल शर्मा, मंदिर अधिकारी ओपी लखनपाल, नगर पंचायत अध्यक्ष बलदेव स्याल, उपाध्यक्ष बृजलाल, सुखदेव चंदेल, सपना कुमारी, विजय शर्मा, नंदलाल शर्मा, राजकुमार, विजयपाल ठाकुर, कै. परमजीत, अशोक कुमार शर्मा मौजूद रहे।