अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कंदरौर स्कूल में आयोजित नौवें जनमंच में विभिन्न समस्याओं के 123 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिसमें 89 समस्याओं तथा 34 मांगों से संबंधित आवेदन पत्र थे। समस्याओं संबंधित सभी आवेदन पत्रों को संबंधित विभागों को 15 दिन के भीतर निपटारे के लिए प्रेषित कर दिया गया है।
उपायुक्त विवेक भाटिया ने बताया कि जनमंच के लिए कुल 345 आवेदन पत्र प्राप्त हुए जिनमें मुख्य जनमंच से पहले आयोजित प्री-जनमंच में कुल 222 आवेदन पत्र अपलोड किए गए थे। इसमें 129 समस्याओं का निपटारा किया गया। जनमंच के दौरान 69 इंतकाल, 14 विभिन्न प्रमाण पत्र, 27 गोल्डन कार्ड, 12 हिम केयर कार्ड तथा 6 दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग की ओर से 220 तथा आयुर्वेदिक विभाग द्वारा 203 और होम्योपैथी विभाग द्वारा 111 लोगों के स्वास्थ्य की निशुल्क जांच की गई व दवाइयां वितरित की गईं। वहीं, अनमोल योजना के तहत 15 बच्चियों को एफडी और 5 नव जन्मी बच्चियों को बधाई पत्र तथा गिफ्ट किट व एक बूटा बेटी के नाम योजना के तहत पौधा भेंट किया तथा 6 दंपतियों द्वारा बच्चियों को अपनाने के लिए सम्मानित किया गया।
जनमंच कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं को सुनने पहुंचे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। जनमंच कार्यक्रम लोगों की समस्याओं का समाधान करके उनके जीवन में सुधार लाने के लिए कारगर भूमिका का निर्वहन कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के गठन से पूर्व ही जनमंच के स्वरूप को विजन डाक्यूमेंट में शामिल किया गया था, जिसे कि सरकार के बनते ही मुख्यमंत्री द्वारा जनमंच कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई।
वहीं, विधायक सुभाष ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री ने जनमंच के माध्यम से लोगों के साथ प्रशासन और सरकार द्वारा सीधा संवाद स्थापित करके समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। जनमंच कार्यक्रम के माध्यम से एक आम व्यक्ति को ज्यादा कठिनाईयों का सामना ना करना पड़े उनकी समस्याओं का समाधान प्री-जनमंच गतिविधियों के लिए आयोजित शिविरों में सुनिश्चित बनाया जा रहा है।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, एडीएम श्रवण मांटा, एसडीएम प्रियंका वर्मा, शशि पाल शर्मा, कमांडेंट अजय बौद्ध के अतिरिक्त संबंधित पंचायतों के प्रधान और प्रतिनिधि तथा संबंधित पंचायतों के ग्रामीण उपस्थित रहे।