तीन हजार मछुआरों को पड़े रोजी-रोटी के लाले, होगा आंदोलन
मलबे को अवैध तरीके से डंप करने पर फोरलेन प्रभावित समिति ने जताई आपत्ति
कहा, प्रशासन समय रहते करे उनकी समस्याओं का निपटारा
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की ओर से सड़क निर्माण से निकल रहे मलबे को अवैध तरीके से गोबिंद सागर झील तथा इस झील के सहायक नालों खड्डों में डंप करने पर अपनी गहरी नाराजगी जताई। समिति ने कहा कि अवैध डंपिंग से जहां 3000 मछुआरों को रोजी-रोटी के लाले पड़ेंगे, वहीं भाखड़ा बांध का अस्तित्व के खतरे के साथ-साथ इस झील के संकरी होने से बाढ़ का भी खतरा पैदा होगा। प्रशासन इस गरीब वर्ग की पिछले 6 सालों से अनदेखी कर रहा है। इस मामले को लेकर फोरलेन प्रभावित समिति और मछुआरों ने बैठक कर चिंता जताई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए भाखड़ा विस्थापित समिति के प्रधान श्रीनंदलाल शर्मा ने बताया कि प्रशासन मछुआरों को हुए नुकसान की अति शीघ्र भरपाई करवाके बाकि उत्पन्न समस्याओं पर उचित कार्रवाई करें। बैठक में विभिन्न समितियों के प्रधान तथा प्रभावित मछुआरे उपस्थित रहे। बैठक के दौरान चेतावनी दी गई कि प्रशासन ने अगर इस कंपनी की मनमानी पर रोक नहीं लगाई और समयानुसार हल नहीं निकाला तो समितियां आंदोलन का रुख अख्तियार करेंगी जिसमें सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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....खेमराज शर्मा।