अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। श्रीनयना देवी में इस बार श्रावण अष्टमी मेला 2018 में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दो आगंतुक कक्ष बनाए जाएंगे। यह जानकारी उपायुक्त विवेक भाटिया ने दी। उन्होंने बताया कि आगंतुक कक्ष बस अड्डे पर तथा दूसरा घवांडल में बनाया जाएगा जिसमें पुलिस सहायता कक्ष, चिकित्सा सहायता केंद्र व सूचना सहायता केंद्र कक्ष स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन आगंतुक कक्षों से 75 से 100 श्रद्धालुओं के जत्थे बनाकर पैदल रास्ते से माता के दर्शनों को भेजे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होती है तो इन आगंतुक कक्षों का प्रयोग श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रावण अष्टमी मेले के दौरान अत्यधिक भीड़ को नियंत्रण व निरीक्षण के लिए ड्रोन की भी मदद ली जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को घटने से रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि गत वर्षों के अनुभव को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि किसी भी स्तर पर किसी एक स्थान पर भीड़ को जमा न होने दिया जाए जिसके लिए बस स्टैंड से माता के दरबार तक 100 से 150 मीटर की दूरी में 5 से 6 बैरियर स्थापित किए जाएंगे। इन बैरियरों में 100 से 125 श्रद्धालुओं के खड़े होने की व्यवस्था बनाई जाएगी तथा शेष स्थान को खाली रखा जाएगा ताकि आपात स्थिति में श्रद्धालु एक दूसरे बैरियर के श्रद्धालुओं पर अनावश्यक भीड़ पैदा न करें।
उन्होंने बताया कि मेले के दौरान भीड़ में बच्चों के गुम हो जाने की अधिक संभावना रहती है और बच्चों के मिल जाने के उपरांत भी उन्हें उनके अभिभावकों तक पहुंचाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है और अभिभावकों को भी ज्ञान नहीं होता कि अपने गुम हुए बच्चों को कहां से प्राप्त किया जाए। इसके लिए इस वर्ष खोया पाया संपर्क कक्ष भी स्थापित किया जाएगा जिसमें कुछ स्थलों पर बड़े गुब्बारे हवा में उड़ते हुए नजर आएंगे जो कि यह दर्शाएंगे कि गुब्बारे के नीचे खोया पाया संपर्क कक्ष स्थापित है जिसके नीचे गुम हुए बच्चे की सूचना अथवा उपलब्धता सुनिश्चित है।