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पुरानी तहसील के जर्जर भवन समेत दस मकान गिरे, मां बेटी घायल

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बिलासपुर/खजुरिया (रामपुर)। बारिश का कहर अभी थम नहीं रही है। बारिश में कमजोर मकानों के गिरने का सिलसिला भी चल रहा है। शनिवार की रात व रविवार को सुबह से ही बारिश होने की वजह से पुरानी तहसील का जर्जर कमरा भर भराकर गिर गया। इससे दस किसानों के कच्चे व पक्के मकान भी गिर गए, जिससे करीब पांच लाख से अधिक का नुकसान हो गया। एक मकान के मलबे में दबकर मां-बेटी घायल हो गई।
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नगर के मोहल्ला शीरीमियां स्थित पुरानी तहसील भवन का एक कमरा साहूकारा रोड की तरफ रविवार की सुबह करीब 11 बजे बारिश के दौरान भर भराकर गिर गया, जिससे रोड बंद हो गई। बाद में पालिका कर्मियों ने रोड से मलबा हटाकर रोड खाली कराया। ग्राम चैनपुर निवासी रामपाल कश्यप का कच्चा मकान सुबह करीब दस बजे बारिश के दौरान भर भराकर गिर गया, जिससे मलबे में रामपाल की पत्नी कमलेश व पुत्री नीरज गंभीर घायल हो गई। परिजनों की चीख-पुकार पर पहुंचे पड़ोसियों ने घायल मां बेटी को मलबा हटाकर निकाला और बाद में गांव के अस्पताल में भर्ती कराया। किसान का करीब 50 हजार से अधिक का नुकसान हो गया। ग्राम बमनपुरा में जामा मस्जिद की करीब 40 फिट लंबी दीवार ढह गई। वहीं गांव निवासी नजब अली खां, इकरार खां, बब्बो बेगम पत्नी नसीर अहमद के मकान भी गिर गए।
पूर्व प्रधान साजिद खां ने बताया कि मकानों के गिरने से करीब डेढ़ लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। बीती रात खजुरिया थाने के ग्राम रसूलपुर निवासी मन्न खां, शकील खां, अयूब रजा खां, मुकर्रम खां के मकान भी बारिश के दौरान भरभराकर गिर गए। मकान गिरने पर रात में ही पहुंचे गांव के लोगों ने आननफानन में मलबे को भी हटवाया। ग्राम प्रधान अफसर खां ने बताया कि चारों मकानों के गिरने से करीब तीन लाख रुपये का घरेलू सामान दब गया जबकि, कोई जनहानि व पशुहानि नहीं हुई है। एसडीएम दुर्गा शंकर गुप्ता ने बताया कि मकान गिरने की जांच कराई जाएंगी। जांच के बाद ही पीड़ित को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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