झंडूता (बिलासपुर)।
झंडूता विधानसभा क्षेत्र के केंद्रबिंदु उपमंडल कार्यालय को जोड़ने वाले भल्लू-बिल्लौर के पिपलुघाट पुल का निर्माण कार्य 17 साल से अधर में लटका हुआ है।
पुल न होने से क्षेत्र के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के पास पुल बनाने के लिए पैसा भी पड़ा हुआ है। लेकिन, काम कछुआ चाल से चला हुआ है। इससे लोगों में आक्रोश है। पुल के बनने से जहां झंडूता विधानसभा क्षेत्र की करीब एक दर्जन ग्राम पंचायतों को लाभ होगा। वहीं, हमीरपुर जिला के बड़सर विधानसभा क्षेत्र की 8 ग्राम पंचायतों के लोगों को भी लाभ मिलेगा।
बारिश के दौरान झंडूता-शाहतलाई मार्ग के मांडवा पुल के साथ पहाड़ी से कई बार चट्टानों के गिरने से सड़क यातायात के लिए बंद हो जाती है।
स्थानीय लोगों सुभाष वर्मा, राजेश गौतम, प्रेम सिंह, सरवन सिंह, श्याम सिंह, ईश्वर सिंह, सतपाल सिंह, मलकियत सिंह, अशोक कुमार, सदाराम, अजय कुमार, करतार सिंह, नीतीश, विजय कुमार, प्रकाश चंद, मनीष, दिनेश, राकेश, अरविंद, ओंकार सिंह, जगदीश, दयाराम, प्यार सिंह, ज्ञान सिंह, महेंद्र सिंह, नरायन दास, बुद्धि सिंह, रमेश, कश्मीर, रणजीत, सरोज, रेखा, मदन लाल ने बताया कि सालों से पिपलुघाट पुल का कार्य कछुआ चाल से हो रहा है। पुल न होने से लोगों को करीब 8 से 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है।
उधर, लोक निर्माण विभाग घुमारवीं के अधिशाषी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि पिपलुघाट पुल जुलाई माह के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा।