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Bilaspur News: क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर ठगे 40 हजार रुपये

Wed, 03 Sep 2025 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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आरोपी ने बैंक के लोगो, व्हाट्सएप का सहारा लेकर पीड़ित को दिलाय भरोसा
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ठगों ने क्रेडिट कार्ड से अलग-अलग शहरों में की शॉपिंग

संवाद न्यूज एजेंसी

घुमारवीं(बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के दधोल क्षेत्र से साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। ठगों ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 40 हजार रुपये की ठगी कर ली। घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी अब बेहद चालाकी से तकनीक का दुरुपयोग करते हुए लोगों को निशाना बना रहे हैं।

जानकारी के अनुसार दधोल क्षेत्र के एक व्यक्ति को मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया। उसने विश्वास दिलाया कि क्रेडिट कार्ड की मौजूदा लिमिट 52 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख कर दी जाएगी। कॉल पर दिखाई दे रहे बैंक के लोगो और बाद में आए मैसेज में लगे बैंक के लोगो ने पीड़ित का भरोसा और अधिक पक्का कर दिया। यही नहीं, ठग ने पीड़ित को व्हाट्सएप चैट के जरिए विश्वास में लेते हुए उसके फोन का स्क्रीन शेयर का ऑप्शन लेकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का नाटक किया।
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ठग ने प्रक्रिया पूरी करने के बहाने पीड़ित से ओटीपी साझा करने को कहा और आश्वासन दिया कि नया क्रेडिट कार्ड एक सप्ताह के भीतर घर पहुंच जाएगा। जैसे ही ओटीपी साझा किया गया साइबर ठगों ने पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग शुरू कर दी। तीन दिनों के भीतर कार्ड से करीब 40 हजार रुपये की खरीदारी की गई। जांच में सामने आया कि ठगों ने गुड़गांव में 25 हजार रुपये, किसी अन्य स्थान पर 7,200 और बेंगलुरु में 8,000 रुपये की खरीदारी की। कुछ दिनों बाद जब बैंक का बिल पीड़ित के पास पहुंचा तो वह हैरान रह गया। विवरण जांचने पर सामने आया कि यह खर्च उसी के क्रेडिट कार्ड से किया गया है। पीड़ित ने बैंक अधिकारियों को पूरी सच्चाई बताई। इसके बाद बैंक ने मामले की प्राथमिक जांच की। बैंक की ओर से पीड़ित को फिलहाल न्यूनतम बैलेंस जमा करवाने के लिए कहा गया, जिसके तहत उसने करीब साढ़े पांच हजार रुपये जमा कर दिए हैं। यह घटना लोगों के लिए बड़ी चेतावनी है कि साइबर ठग अब बैंक का लोगो, व्हाट्सएप चैट और ओटीपी जैसी तकनीकों का सहारा लेकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप चैट के जरिए मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी खासकर ओटीपी किसी को भी साझा न करें।
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कोट

पुलिस अधीक्षक घुमारवीं चंद्र पाल सिंह ने कहा कि यदि इस तरह की कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज प्राप्त हो तो तुरंत संबंधित बैंक और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। सावधानी और जागरूकता ही साइबर अपराधियों से बचाव का सबसे सशक्त उपाय है।
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