जिला के तहत 30 फीसदी से अधिक निजी स्कूल अभी तक जेबीटी टेट उतीर्ण शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर पाए हैं। इससे जिला के 40 निजी स्कूल बिना मान्यता के चल रहे है। शर्त पूरी नहीं कर पाने के कारण इन स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण विभाग ने रोक दिया है।
इससे इन स्कूलों में पढ़ रहे सैकड़ों छात्रों के भविष्य पर भी संकट छा गया है। इससे विद्यार्थियों के अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। शैक्षणिक सत्र आधे से अधिक बीत चुका है।
जिला में 130 निजी स्कूल चल रहे है। इनमें से 80 से 90 स्कूलों ही जेबीटी टेट शिक्षकों की नियुक्ति की शर्त को पूरा कर पाए हैं। इसके अलावा 40 से अधिक स्कूल अभी तक जेबीटी टेट उर्तीण शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर पाए हैं।
इन स्कूलों को प्रारंभिक शिक्षा विभाग बिलासपुर ने कई बार नोटिस जारी किया है। डेढ़ माह पहले इन स्कूलों को अंतिम नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर शिक्षकों की नियुक्ति कर ब्यौरा भेजने का समय दिया गया था। मगर अभी तक इन स्कूलों ने शर्त का पूरा नहीं किया है। इससे इन स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण लटक गया है।
मिल सकता है अंतिम मौका : शैक्षणिक सत्र 2016-17 का अक्तूबर माह भी लगभग बीत चुका है। लेकिन, अभी तक इन स्कूलों को विभाग से मान्यता नहीं मिल सकी है। इससे निजी स्कूलों के संचालन पर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग बिलासपुर को निदेशालय से जेबीटी टेट उर्तीण शिक्षकों की नियुक्ति की रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजने के आदेश मिले है। ऐसे में विभाग ने इन स्कूलों को जेबीटी टेट उर्तीण शिक्षकों की नियुक्ति करने का अंतिम मौका दिया है।
शर्त पूरा करने वाले स्कूलों का होगा औचक निरीक्षण : जिन स्कूलों ने जेबीटी टेट शिक्षकों की नियुक्ति कर दी है। उन स्कूलों में प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर औचक निरीक्षण करेंगे। इस बारे में निदेशालय से बिलासपुर कार्यालय को निर्देश जारी किए है। इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को क्रॉस चेक किया जाएगा।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर पीसी वर्मा ने बताया कि स्कूलों को कई बार जेबीटी टेट उर्तीण शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए गए हैं। लेकिन, अभी तक 30 फीसदी स्कूल इस शर्त को पुरा नहीं कर पाए हैं। जिन स्कूलों ने जेबीटी टेट उर्तीण शिक्षक तैनात कर लिए हैं। उन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा।