अब तक 79 लोग ले चुके हैं संकल्प,मेडिकल विद्यार्थियों को शरीर की संरचना समझने में मिलेगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मृत्यु के बाद भी शरीर चिकित्सा शिक्षा और शोध के काम आए, इसी उद्देश्य से एम्स बिलासपुर में विश्व एनाटॉमी दिवस पर देहदानी वंदन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान देहदान का संकल्प लेने वाले 34 लोगों को सम्मानित किया गया। समारोह में संकल्पियों के परिजन, चिकित्सक और एमबीबीएस विद्यार्थी मौजूद रहे। एम्स के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने देहदान का संकल्प लेने वालों के योगदान की सराहना की। एनाटॉमी विभाग की अध्यक्ष डॉ. निधि पुरी ने कहा कि देहदान से मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलता है। इससे उनमें मानव शरीर के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है। समारोह में देहदान का संकल्प लेने वालों ने अपने अनुभव साझा किए और इस फैसले के बाद सामने आई सामाजिक चुनौतियों के बारे में बताया। इसके बावजूद उन्होंने मृत्यु के बाद भी समाज के लिए योगदान देने की प्रतिबद्धता दोहराई। एनाटॉमी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. संजय शर्मा ने संकल्पियों और उनके परिवारों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने स्वैच्छिक देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
एम्स बिलासपुर में स्वैच्छिक देहदान कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2022 में देहदान समिति के गठन के साथ हुई थी। इसके बाद अब तक 79 लोग देहदान का संकल्प ले चुके हैं।