अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कमजोर अर्थिक स्थिति के कारण कोई भी व्यक्ति अपना या परिवार के किसी व्यक्ति का इलाज करवाने से वंचित न रह जाए और गरीब से गरीब व्यक्ति को भी देश के धनी व्यक्ति को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं की प्राप्ति हो तथा घरद्वार के समीप लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करवाई जाए इसके लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार पूर्णरूप से प्रयासरत है।
हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही। गरीबों के हित में चलाई जाने वाली यह विश्व की पहली व एकमात्र ऐसी योजना है, जिसका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के प्राप्त होगा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित वित्त पोषित योजना है। इस योजना के अंतर्गत देश के 10 हजार परिवारों के 50 करोड़ से भी अधिक लोग लाभान्वित होेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीके चौधरी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 तथा 2014 में बनाए गए स्वास्थ्य बीमा योजना के आधार पर चयनित परिवारों को शामिल किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत 26 हजार 539 लाभार्थी परिवार तथा शहरी क्षेत्र के एक हजार 865 परिवार और ग्रामीण क्षेत्र के 9 हजार 495 परिवार जन आरोग्य योजना के लिए पात्र हैं। इन 37 हजार 899 पात्र परिवारों के लगभग पौने 2 लाख व्यक्तियों को इस योजना का लाभ प्राप्त होगा जिन्हें प्रति परिवार 5 लाख रुपये का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा है।
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जिला के नौ अस्पताल आयुष्मान जन आरोग्य योजना में चयनित
बिलासपुर के 9 अस्पताल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में चयनित हैं जिनमें आरएच बिलासपुर व जिला आयुर्वेदिक अस्पताल बिलासपुर तथा सीएचसी मार्कंडेय, सीएच खंडवाल, एएचसी कंदरौर, मार्कंडेय क्षेत्र से सीएच घुमारवीं व सीएचसी भराड़ी, घुमारवीं क्षेत्र से तथा सीएचसी झंडूता व सीएच बरठीं, झंडूता क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत जिला बिलासपुर से चयनित व्यक्ति को गोल्डन कार्ड वितरित किए जा रहे हैं।
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