बिलासपुर। बारिश के थमते ही कच्चे मकान और गिरने शुरु हो गए हैं। 26 लोगों के कच्चे मकान, दीवार और लिंटर आदि गिरने से करीब दस लाख रुपये से अधिक का नुकसान होना बताया गया है। राजस्व कर्मियों ने मकानों के गिरने की जांच शुरूकर दी है।
बारिश के थमते ही निकली चटखदार धूप के कारण कच्चे मकानों, दीवारों, खपरैलों के गिरने का सिलसिला तेज हो गया है। ग्राम कनकपुर निवासी उर्मिला पत्नी छोटे लाल, अब्बासी, महेंद्र पाल, मेवाराम के कच्चे मकान बीती रात भरभराकर गिर गए। जिसके कारण करीब एक लाख से अधिक का नुकसान होना बताया गया है। ग्राम खुजरिया खुर्द निवचासी अशरफ अहमद, ग्राम पृथवीपुर उर्फ चिडिय़ाखेड़ा निवासी मुन्नालाल, ग्राम महेशपुरा निवासी कदीर मियां, ग्राम मिलक मुंडी निवासी मंसूर अहमद, ग्राम बिढ़ऊ निवासी सिराज का भी कच्चा मकान भर भराकर गिर गया।
इन सभी किसानों का करीब चार लाख रुपये का नुकसान होना माना गया गया है। ग्राम पदपुरी निवासी खुर्शीदन पत्नी फकरुददीन का कच्चा मकान बीती रात गिर गया, जिसके कारण करीब दस हजार रुपये का नुकसान हो गया। ग्राम भटपुरा निवासी बाबू, अहमद नवी, मोहम्मद तालिब के भी कच्चे मकान गिर गए। इन सभी के मकानों के गिरने से करीब 50 हजार रुपये का नुकसान होना माना गया है। ग्राम ादराखेड़ा में रामपुाल का भी कच्चा मकान गिरने से करीब बीस हजार रुपये का नुकसान हो गया है।नगर निवासी सैयद नौशाद व जाबिद मियां के मकानों के लिंटर गिर गए।
सभी मकानों के गिरने के कारण अफरा तफरी मच गई। शोर शराबा सुनकर आसपास के तमाम लोग मदद के लिए दौड़कर मौके पर पहुंच गए। लोगों ने किसी तरह मलबे को हटाया। इन सभी के मकानों के गिरने से करीब तीन लाख रुपये का नुकसान होना बताया गया है। ग्राम टेहरी ख्वाजा निवासी अहमद शाह, नवी अहमद व मकसूदी पत्नी सईद का कच्चा मकान भी बारिश में भर भराकर गिर गया, जिसके कारण करीब 80 हजार ुरपये का नुकसान हुआ है। ग्राम बलखेड़ा निवासी रामलाल, नगरिया कलां निवासी सुषमा पत्नी रामगुलाम का भीक च्चाम कान गिर गया। जिसकी बजह से करीब 40 हजार रुपये का नुकसान होने की बात कहीं गई है।
हुरमतनगर निवासी शफी अहमद, अमीरबानो पत्नी रफीक, ग्राम सकटुआ निवासी रुखमणि पत्नी शेर सिंह, बाबूराम, शमशुद्दीन, मोहल्ला बाजार कलां निवासी महेंद्र सिंह का कच्चा मकान गिरने से करीब एक लाख रुपये का नुकसान होना बताया गया है। तहसीलदार मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी गिरे हुए मकानों की राजस्व कर्मियों द्वारा मौके पर भेजकर जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही असली नुकसान का आंकलन हो सकेगा।