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Bilaspur News: झाड़ियों में छिपाकर रखे गए खैर के 24 लट्ठे, लिए कब्जे में

Fri, 19 Jun 2026 11:31 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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वन बीट मोहड़ा से बरामद किए लकड़ी के लॉग। स्रोत: जागरूक पाठक
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अमर उजाला इंपैक्ट
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वन बीट मोहड़ा में वन विभाग की छापेमारी
खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया विभाग
पांच खैर के पेड़ों के अवैध कटान का खुलासा
पुलिस में शिकायत दर्ज कर तस्करों की तलाश तेज

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की प्लासला पंचायत के अंतर्गत वन बीट मोहड़ा में सरकारी जंगल से अवैध रूप से खैर के पेड़ काटे जाने के मामले में वन विभाग हरकत में आ गया है। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया और झाड़ियों में छिपाकर रखे गए खैर की लकड़ी के 24 (लट्ठे)लॉग बरामद कर अपने कब्जे में ले लिए। मामले में वन विभाग ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है और अवैध कटान में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया था। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में इस मामले को प्रमुखता से उठाया। खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। प्राथमिक जांच के दौरान विभाग को पता चला कि जंगल के एक हिस्से में पांच खैर के पेड़ काटे गए हैं। इसके बाद आसपास के क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों पर झाड़ियों के बीच छिपाकर रखी गई खैर की लकड़ी के 24 लॉग बरामद हुए। विभागीय टीम ने लकड़ी को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वन विभाग अब पूरे जंगल की विस्तृत पड़ताल करने की तैयारी में है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं अन्य स्थानों पर भी पेड़ों की कटाई तो नहीं की गई है। इसके लिए आसपास के वन क्षेत्र का भी निरीक्षण किया जाएगा, ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके।
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ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ समय से रात के समय कुछ संदिग्ध लोगों को जंगल की ओर जाते हुए देखा गया था। इसके अलावा एक जीप भी कई बार रात के समय जंगल के आसपास दिखाई देती रही। शुरुआत में लोगों ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब गतिविधियां लगातार बढ़ने लगीं तो ग्रामीणों को संदेह हुआ। इसके बाद कुछ लोगों ने दिन के समय जंगल में जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्हें पता चला कि सरकारी जंगल से खैर के पेड़ों को काटा जा रहा है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक व्यक्ति ने इस पूरे मामले की जानकारी साझा की थी, जिसके बाद मामला सार्वजनिक हुआ और विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई। वन विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही अवैध कटान में शामिल लोगों तक पहुंचा जा सकेगा। विभाग की ओर से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

इनसेट
लकड़ी जमा होने के बाद एक साथ बाहर पहुंचाते थे तस्कर
जानकारी के अनुसार अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोग रात के अंधेरे में खैर के पेड़ों को काटकर उनकी लकड़ी जंगल में ही अलग-अलग स्थानों पर छिपा देते थे। जब पर्याप्त मात्रा में लकड़ी एकत्र हो जाती थी तो एक जीप के माध्यम से उसे एक साथ जंगल से बाहर ले जाया जाता था। जानकारों के अनुसार खैर की लकड़ी की बाजार में काफी मांग है और इसकी कीमत भी अधिक होती है। एक क्यूबिक मीटर खैर की लकड़ी का मूल्य दो लाख रुपये से अधिक बताया जा रहा है। इसी कारण लकड़ी माफिया अवैध कटान के जरिए लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। ऐसे में सरकारी जंगलों पर लगातार खतरा बढ़ता जा रहा है।
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कोट
च के दौरान पांच पेड़ों के कटान का पता चला तथा झाड़ियों में छिपाकर रखे गए खैर की लकड़ी के 24 लॉग बरामद किए गए। विभाग ने लकड़ी कब्जे में लेकर पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है और पूरे वन क्षेत्र की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
संजीव कुमार, बीओ, वन बीट मोहड़ा
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