जिले की सभी लाइनों, टैंकों का होगा निरीक्षण और सफाई
गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले आईपीएच विभाग ने कसी कमर
गर्मियों के मौसम में जलजनित बीमारियां न फैले, विभाग ने किया अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। गर्मियों का मौसम शुरू होने से पहले ही आईपीएच विभाग ने कमर कस ली है। विभाग जिलेभर में अपने सभी पानी के स्टोरेज टैंकों सहित लाइनों को चेक करेगा जहां से लोगों को पीने के लिए पानी दिया जाता है। ऐसे में गर्मियों के मौसम में इन जगहों पर गंदगी होने से जलजनित बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है जिसको लेकर विभाग ने सभी योजनाओं सहित स्टोरेज टैंकों व लाइनों को साफ करना है।
गौरतलब है कि बिलासपुर शहर में अभी तक आईपीएच विभाग ने कोई भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनाया है, जबकि यहां पर दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने हैं। ऐसे में सीवरेज की गंदगी सीधे सतलुज नदी में जाती है। इसके अलावा घुमारवीं के सिर खड्ड किनारे भी प्रवासियों का डेरा गर्मियों में जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ा देता हैं। इसी सिर खड्ड से घुमारवीं शहर सहित आसपास के गांवों को पानी की सप्लाई दी जाती है। ऐसे में आईपीएच विभाग ने सभी योजनाओं के रखरखाव के लिए खाका तैयार कर लिया है। जल्द ही पानी के स्टोरेज टैंकों सहित पानी की लाइनों सहित पेयजल योजनाओं को गर्मियों से पहले ही साफ किया जाएगा।
उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने बताया कि आईपीएच विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं कि वह गर्मियां शुरू होने से पहले अपने सभी स्टोरेज टैंकों व लाइनों को दुरुस्त कर ले ताकि गर्मियों में लोग जलजनित बीमारियों से बच सके। इसके अलावा उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी अलर्ट पर रहने को कहा है।
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चार विधानसभा क्षेत्रों में है लाखों की आबादी
बिलासपुर जिला के चार विधानसभा क्षेत्रों सदर, घुमारवीं, झंडूता, श्रीनयना देवी की कुल जनसंख्या (2011 की जनगणना) 381956 है। ऐसे में चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 151 पंचायतें हैं जहां पर आईपीएच विभाग पानी मुहैया करवाता है। पूरे जिले में छोटी से बड़ी मिलाकर विभाग की 50 से ज्यादा पेयजल योजनाएं हैं। ऐसे में गर्मियों से पहले इन सभी योजनाओं को आईपीएच विभाग को साफ करना है।
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कुछ साल पहले मंडी मानवा में फैला था आंत्रशोथ
लगभग पांच साल पहले बिलासपुर के मंडी मानवा में आंत्रशोथ भी फैला था जिससे पूरे का पूरा गांव इसकी चपेट में आ गया था। एक युवती की भी इससे मौत हो गई थी। जबकि पिछले साल घुमारवीं उपमंडल में भी आंत्रशोथ फैला था। जबकि बिलासपुर में भी डायरिया के खासे मरीज दाखिल हुए थे।
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....खेमराज शर्मा।