अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला बिलासपुर की बैठक जिला प्रधान इंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में परिधि गृह बिलासपुर में हुई। बैठक में पंजाब सरकार की ओर से राज्य वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2019 तक टालने का विरोध किया।
जिला प्रधान ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से छठे वेतन आयोग को लागू न करने से हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों से भी घोर अन्याय हो रहा है। ठाकुर ने बताया कि छठा वेतन आयोग कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से लागू होना था लेकिन हिमाचल प्रदेश में अपना वेतन आयोग न होने से कर्मचारियों को पंजाब सरकार की तरफ देखना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र सरकार का वेतन मान लागू किया जाए। प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के कर्मचारियों के वेतन भत्ते दिए जाएं। ठाकुर ने बताया कि राज्य सरकार का प्रदेश के कर्मचारियों के प्रति रवैया अच्छा नहीं है।
ठाकुर ने बताया कि एक वर्ष में कर्मचारियों की संयुक्त सलाहकार समिति की तीन बैठकें हो जानी चाहिए थीं लेकिन सरकार ने अभी तक एनजीओ के चुनाव को टालने के प्रयास कर रही है। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ माह फरवरी में जिला के विभिन्न खंडों में जगह-जगह बैठकें व विचार गोष्ठी सब कर्मचारियों की बोर्ड कारपोरेट को साथ लेकर की जाएगी जिसमें कर्मचारियों की समस्याओं, पुरानी पेंशन बहाली, अनुबंध पर नियुक्तियों को बंद करके नियमित नियुक्तियां करवाने के लिए कदम उठाया जाएगा।
बैठक में जिला महासचिव रवि शर्मा, अतिरिक्त महासचिव विनोद भारद्वाज, वरिष्ठ उपप्रधान धर्म सिंह, वित्त सचिव जगत पाल, प्रेस सचिव राजेश उपाध्याय, उपप्रधान रतन लाल ठाकुर, तिलक राज शर्मा, खंड घुमारवीं के प्रधान सुरेश चंदेल, झंडूता के प्रधान दिलबाग सिंह, घुमारवीं के मुख्य सलाहकार जगदेव चौहान, उपप्रधान संजीव शर्मा उपस्थित थे।
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