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भरी धूप में दौड़ा दिए दिव्यांग बच्चे, कई गिरे गश खाकर

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अमर उजाला ब्यूरो
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घुमारवीं(बिलासपुर)। दिव्यांग बच्चों के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम उन्हीं बच्चों की जान पर आफत बन गया। दिव्यांग बच्चों के लिए आयोजित हॉफ मैराथन का आयोजन किया गया लेकिन बच्चों को सुबह के समय दौड़ाने की जगह भरी धूप में दौड़ाया गया। हालत ऐसी थी की कई बच्चे तो गश खाकर गिर पड़े लेकिन इसके बाद भी मौके पर मौजूद किसी भी आयोजक या अधिकारी का दिल नहीं पसीजा। मैराथन को दलीप सिंह राणा उर्फ ग्रेट खली ने करीब 12.20 बजे हरी झंडी दिखा कर रवाना किया था। मौके पर प्रशासन की ओर से एसडीएम, स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे लेकिन किसी ने कोई हस्तक्षेप करना जरूरी नहीं समझा। जानकारी के अनुसार घुमारवीं में दिव्यांग बच्चों के लिए तीन दिनों तक कार्यक्रम का आयोजन रखा गया था। इसमें स्टार नाइट भी रखी गई थी। कार्यक्रम में कलाकारों के अलावा अंतरराष्ट्रीय रेसलर ग्रेट खली भी विशेष रूप से उपस्थित हुए। सोमवार को ग्रेट खली घुमारवीं पहुंचे। उन्होंने मंगलवार को दिव्यांग बच्चों की मैराथन को हरी झंडी दिखानी थी। मंगलवार को ग्रेट खली ने मैराथन को हरी झंडी तो दिखाई लेकिन तब तक तपती धूप हो चुकी थी।
इससे कुछ बच्चे मैराथन के दौरान गश खाकर गिर गए। अब सवाल यह है कि जो मैराथन का समय रखा गया था उसी समय में इसका आयोजन क्यों नहीं किया गया और तपती धूप में दिव्यांग बच्चों को क्यों दौड़ाया गया।
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इनसेट...
प्रबंधन समिति की होती है अनहोनी की जिम्मेवारी
घुमारवीं क्षेत्र की एक संस्था द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मैं भी मौजूद रहा। इसमें दिव्यांग बच्चों की मैराथन भी करवाई गई। कार्यक्रम आयोजन प्रबंधन को समय पर मैराथन करवाने को कहा था। प्रबंधन समिति को साफ कहा गया था कि मैराथन के देरी से आयोजन पर अगर कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेवारी प्रबंधन समिति की होगी।
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....शशी पाल शर्मा, एसडीएम घुमारवीं
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समय पर होती तो अच्छा था
मैराथन समय पर हो जाती तो अच्छा था। वैसे मैराथन में ऐसा चलता रहता है।
..केके शर्मा, बीएमओ घुमारवीं
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लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नहीं हुआ दर्ज
संस्था के द्वारा जोर शोर से प्रचार प्रसार किया गया था कि इस मैराथन दौड़ को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करवाया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो पाया। लिम्का बुक की ओर से कोई भी प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा था।
 
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