बिलासपुर। नगर परिषद बिलासपुर के वार्ड नंबर पांच के पार्षद नरेंद्र पंडित और भाजपा समर्थित पार्षदों ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद बिलासपुर में कुछ कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जरूरतमंद लोगों के लिए आई योजनाओं का गैरकानूनी तरीके से लाभ लेकर पात्र परिवारों को वंचित कर दिया है। जिससे यह पार्षद किसी भी तौर पर इस संवैधानिक पद पर रहने के काबिल नहीं है। ऐसे पार्षदों को तुरंत प्रभाव से पद से बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए तथा इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
नरेंद्र पंडित ने बताया कि उनके पास सूचना का अधिकार-2005 के तहत ली गई जानकारी से यह साबित हो गया है कि कांग्रेस कार्यकाल में कांग्रेस के कुछ पार्षदों ने एक नेता की शह पर गरीब लोगों के लिए आई योजनाओं को उन तक न पहुंचा कर स्वयं पैसा डकार लिया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक परिवार को नियम व शर्तों के तहत 1 लाख 65 हजार रुपये की राशि दी जानी प्रस्तावित थी। इसी राशि को कांग्रेस के कुछ पार्षदों ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर सरेआम हड़प लिया। इसका खुलासा भी आरटीआई से प्राप्त सूचना से हुआ है। जिन पार्षदों ने उक्त गरीबों के हक पर डाका डाला है, वे पहले से ही सुविधा संपन्न परिवार हैं। उनके पास दो-दो मंजिला मकान, अपनी गाड़ियां, नगर परिषद की दो-दो दुकानें हैं।
उन्होंने कहा कि इस सारे गड़बड़झाले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए ताकि केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों को मिल पाए। इस सारे मामले की लिखित तौर पर जानकारी उपायुक्त बिलासपुर को दे दी गई है।
उपायुक्त विवेक भाटिया का कहना है कि अगर इस तरह का कोई मामला हुआ है तो मामले की पूरी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।