अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। डेंगू के आगे स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से लाचार पड़ गया है। हर रोज दो से तीन दर्जन नए डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग कुछ खास नहीं कर पा रहा है। जागरूकता के नाम पर चंद घरों का निरीक्षण का रस्मों को अदा किया जाता है। जबकि शहर से शुरू हुआ डेंगू अब ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच गया है। हालत ऐसी है कि जिला में डेंगू के मरीजों की संख्या एक हजार पहुंचने वाली है लेकिन इसके बाद भी संबंधित विभाग इसको लेकर गंभीर नहीं है। मंगलवार को फिर से जिला में 18 डेंगू के नए रोगी अस्पताल पहुंचे हैं।
डॉ. संजय ने जिला में फैले डेंगू रोग के बारे में बताया कि मंगलवार को डेंगू के 18 नए मामले दर्ज किए गए। इसमें से 6 मामले बिलासपुर शहर से, 10 मामले मारकंडेय से, 1 मामले घुमारवीं से और एक मामला जिला मंडी से आया है।
उन्होंने बताया कि डेंगू से पीड़ित 156 रोगियों का उपचार चल रहा है। उनमें से डेंगू से पीड़ित 3 रोगियों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। जबकि शेष रोगियों का उपचार घर में चल रहा है। डेंगू रोग की रोकथाम के लिए वार्ड नंबर 6 में 22 घरों में कीटनाशक स्प्रे की गई।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा वार्ड नंबर 2, 3, 4, 5, 6, 9 और 10 में जाकर 124 लोगों के घरों का निरीक्षण किया गया जिनमें 139 घरों की पानी की टंकियों, कूलरों और जल भंडारण के बर्तनों को खाली करवाकर उन्हें साफ करवाया करवाया गया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लोगों को अपने घरों और आसपास की साफ-सफाई रखने के लिए भी जागरूक किया गया।
उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि वह जब भी घरों से बाहर निकलें तो अपने शरीर को पूर्ण रूप से ढक कर और ओडोमोस इत्यादि कीटनाशक स्प्रे का इस्तेमाल करें तथा घरों के अंदर भी कीटनाशक स्प्रे करना सुनिश्चित बनाएं ताकि मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।