बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान की गई अवैध डंपिंग के कारण मछुआरों को हुए नुकसान और मौके पर से मलबा न हटाने के मामले में परियोजना निदेशक और कंपनी निदेशक को एसडीएम कोर्ट से समन जारी किए हैं। इसके अलावा सहायक निदेशक मत्स्य को भी समन जारी कर 14 अगस्त को कोर्ट में पेश होने के आदेश जारी किए गए हैं। इसका खुलासा जन सूचना अधिकारी एसडीएम कार्यालय द्वारा पत्र संख्या पत्र संख्या 4753 दिनांक 8.8.2018 को दी गई सूचना से हुआ है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में एक संयुक्त कमेटी एसडीएम की अध्यक्षता में बनाई गई थी। जिसमें फोरलेन की अवैध डंपिंग के कारण हुए नुकसान का निरीक्षण किया था। जिसमें पाया गया था कि अवैध डंपिंग के कारण जहां पर्यावरण को नुकसान हुआ है। वहीं मत्स्य उत्पादन पर भी असर पड़ा है। जिसका सीधा नुकसान करीब तीन हजार मछुआरों के परिवार पर पड़ा है। जिसके बाद एसडीएम बिलासपुर ने एनएचएआई परियोजना दिनेशक, सड़क निर्माण कर रही कंपनी के परियोजना निदेशक को उक्त नुकसान की भरपाई के आदेश दिए थे। जिसमें कंपनी को मौके पर से मलबा हटाने के अलावा मछुआरों को हुए नुकसान की भरपाई करने के साथ बोट, जाल आदि मुहैया करवाने के आदेश दिए थे। एसडीएम बिलासपुर के बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी परियोजना निदेशक और कंपनी निदेशक ने कोई कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। जिसके बाद आठ अगस्त को इस संबंध में एसडीएम कोर्ट की ओर से उक्त अधिकारियों को समन जारी कर एसडीएम कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए गए हैं। समन में उक्त अधिकारियों को सुबह दस बजे कोर्ट में हाजिर होने के आदेश हैं।