बरठीं (बिलासपुर)।
सरकारी नौकरी करने के बाद भी आजीविका के लिए मोहताज होना पड़े तो व्यवस्थागत ढांचे का अंदाजा स्वत: ही लगाया जा सकता है। लोक निर्माण विभाग से जुलाई 2004 में बेलदार पद से सेवानिवृत्त हो चुके गाहर पंचायत के भटेड़ गांव के 75 वर्षीय सरवण राम को पेंशन न मिलने का मलाल है।
अपनी व्यथा को लेकर पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि वे 1987 में लोकनिर्माण विभाग में कच्ची लेबर में भर्ती हुए थे। 1998 में नियमित हुए। जुलाई 2004 में दधोल से सेवानिवृत्त हुए। उसे 2620 रुपये तनख्वाह मिलती थी जो बाद में सेवानिवृत्ति के समय 3100 के करीब हो चुकी थी।
सेवानिवृत्ति के समय उन्हें 36,000 रुपये ग्रेच्युटी के रूप में मिले। हालांकि पेंशन के मुद्दे को लेकर उन्हें कोर्ट से भी राहत मिली है लेकिन विभाग की ओर से अभी तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। उनके जैसे कई लोग पेंशन की आस लगाए बैठे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से हक दिलाने की मांग की है।