-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी में विश्व मलेरिया दिवस मनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी में वीरवार को विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। इसकी अध्यक्षता सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विनोद कुमार ने की। स्वास्थ्य शिक्षक लीला शर्मा ने बताया कि मलेरिया एक ऐसा संक्रमण है कि इसके मामले दुनिया भर में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। हर साल दुनिया भर में करोड़ों लोग मलेरिया की चपेट में आते हैं। यह दिवस हर वर्ष 25 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मकसद मलेरिया की रोकथाम कर लोगों की जान बचाना है।
उन्होंने बताया कि विश्व मलेरिया दिवस मनाने की शुरुआत साल 2000 से हुई थी, जब इसे अफ्रीका में मलेरिया-डे के नाम से जाना जाता था। इसके बाद 2008 में इसका नाम बदलकर विश्व मलेरिया दिवस रखा गया। विश्व मलेरिया दिवस हर साल अलग-अलग विषय के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष का विषय अधिक न्याय संगत विश्व के लिए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में तेजी लाना है। भारत के कुछ राज्यों में मलेरिया के अधिक मामले पाए जाते हैं, इसमें उड़ीसा, छत्तीसगढ़ ,झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र ,त्रिपुरा और मिजोरम है। कहा कि मलेरिया एक एनाफिलीज मादा मच्छर के काटने से होता है। जब यह मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काटता है तो इस बीमारी से वह मच्छर संक्रमित हो जाता है और फिर संक्रमित मच्छर दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो मलेरिया परजीवी उस व्यक्ति के रक्त में प्रवेश करके शरीर के दूसरे अंगों तक पहुंच जाता है। इससे लीवर, फेफड़े और दिमाग पर असर पड़ता है। कहा कि भारत में सालाना 19 से 20 हजार तक मौतें मलेरिया से होती हैं। मलेरिया से बचने के लिए हमें जागरूक होना बहुत जरूरी है। बचाव के लिए पूरे बाजू के कपड़े पहनें, घरों के आसपास गंदा पानी खड़ा न होने दें, घर के आसपास झाड़ियां न उगने दें, रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।