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Bilaspur News: ट्रक की टक्कर से महिला की मौत मामले में परिजनों को 18.48 लाख रुपये मुआवजा

Sat, 13 Sep 2025 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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अदालत से
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मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण बिलासपुर ने पांच साल पुराने मामले में सुनाया फैसला
बीमा कंपनी को एक माह के भीतर अदा करनी होगी मुआवजे की राशि
ट्रक का वैध थर्ड पार्टी बीमा होने के कारण बीमा कंपनी को ही करना होगा भुगतान
बरमाणा के पास हरियाणा नंबर ट्रक, बाइक की टक्कर से हुआ था हादसा

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण बिलासपुर के अध्यक्ष एवं न्यायाधीश चिराग भानु सिंह ने पांच वर्ष पुराने एक सड़क दुर्घटना मामले में मृतक महिला के परिजनों को 18 लाख 48 हजार रुपये का मुआवजा ब्याज सहित देने का आदेश सुनाया। यह राशि संयुक्त रूप से सभी प्रतिवादियों पर देय होगी। लेकिन,भुगतान बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस लिमिटेड को एक माह के भीतर अदा करना होगा। इसका कारण यह है कि ट्रक का वैध थर्ड पार्टी बीमा था।
27 अक्तूबर 2021 को कोर्ट में दायर याचिका के अनुसार 3 जनवरी 2020 की सुबह लगभग 10.15 बजे चंपा देवी (55) अपने भांजे अनिल कुमार के साथ बाइक पर सुंदरनगर इलाज के लिए जा रही थीं। बरमाणा के पास हरियाणा नंबर के ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मारी। मौके पर ही चंपा देवी की मौत हो गई जबकि बाइक चालक को चोटें आईं। मृतका के बेटे सुरेश चंद सहित चार परिजनों ने ट्रक मालिक चरण सिंह, चालक नंद लाल और बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत दावा याचिका दायर कर 50 लाख रुपये का मुआवजा मांगा था। ट्रक मालिक व चालक ने दावा किया कि दुर्घटना बाइक चालक की लापरवाही से हुई, वह तेज गति में था और ट्रक सड़क किनारे खड़ा था। वहीं, बीमा कंपनी ने ट्रक के कागजात, फिटनेस व ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर आपत्तियां उठाईं। अध्यक्ष, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण बिलासपुर ने कहा कि पुलिस एफआईआर, गवाह और अन्य दस्तावेजों से साबित हुआ कि दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही से हुई। प्रतिवादी न तो चालक की ओर से कोई ठोस सबूत पेश कर सके और न ही ड्राइवर को गवाही के लिए बुलाया। ट्रक चालक के पास सभी वैध कागजात मौजूद थे, इसलिए बीमा कंपनी की आपत्तियां अस्वीकार की गईं।
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न्यायालय ने मृतिका की मासिक आय 18 हजार रुपये मानते हुए 1/3 निजी खर्च घटाया। भविष्य की संभावनाओं पर 10 फीसदी वृद्धि और 11 का गुणक लगाकर कुल 17.38 लाख रुपये का निर्भरता नुकसान निर्धारित किया। इसके अलावा 50 हजार रुपये संगति हानि, 30-30 हजार रुपये अंतिम संस्कार व संपत्ति हानि मद में जोड़कर कुल मुआवजा 18,48,000 रुपये तय किया गया। इस पर 7.5 फीसदी वार्षिक ब्याज भी मिलेगा। राशि का बंटवारा चार हिस्सों में होगा। बीमा कंपनी की ओर से यदि पहले से कोई अंतरिम मुआवजा दिया गया है तो उसे अंतिम राशि में समायोजित किया जाएगा। वहीं, सभी पक्ष अपने-अपने मुकदमे और अदालती खर्च स्वयं वहन करेंगे।
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