शाहतलाई(बिलासपुर)। गोबिंद सागर झील फिशरमैन यूनियन की बैठक वीरवार को यूनियन के अध्यक्ष श्याम लाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में गोबिंद सागर झील की 20 सहकारी सभाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में 2014 से 2018 तक झील में मछली उत्पादन में आ रही भारी गिरावट पर चिंता जताते हुए कहा कि जिला में बन रहे फोरलेन से झील में हो रही अवैध डंपिंग जिम्मेदार है।
बैठक में कहा गया कि झील में मछली का उत्पादन कम होने से मछुआरों को दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए हैं। जिस पर एक प्रस्ताव बनाकर सरकार से मांग की गई कि कंपनी मछुआरों को पहुंचे नुकसान की भरपाई करे। बंद सीजन में मछुआरों को राहत राशि दी जाए ताकि ऑफ सीजन में उन का गुजरा आसानी से हो सके। सरकार द्वारा सभाओं को नाव बनाने के लिए सस्ते दामों पर लकड़ी उपलब्ध करने की मांग के साथ आवास योजना चालू की जाए। पिछली अदायगी को जल्द किया जाए। बैठक में जड्डू के प्रधान कर्म चंद, गाह के प्रधान लक्ष्मण दास, पियूगली के प्रधान हंसराज, सचिव मस्तराम, ध्यानी के प्रधान धनश्याम, जैश्री देवी के प्रधान बुधि सिंह, भाखड़ा के प्रधान जयहीरा, सचिव देवराज, अरलोह के सचिव देशराज, बलगाड़ के सचिव राजकुमार, ज्योरा के सचिव रमेश चंद, दाड़ीबाड़ी के धर्मपाल, खरली के प्रधान विजय कुमार व मछुआरा सेल के प्रधान कुंजू राम ने भाग लिया।