ठेकेदार पर लगाया ईपीएफ में धांधली का आरोप
एनटीपीसी में वर्करों को 27 की जगह दिया 10 माह का ईपीएफ
ईएसआईसी और आईपी कार्ड में भी किया गया भारी हेरफेर
सरोज पाठक
बरमाणा (बिलासपुर) कोलबांध एनटीपीसी में वाटर सप्लाई के अंतर्गत काम करने वाले लगभग 13 कामगारों ने उनके ईपीएफ में धांधली का आरोप ठेकेदार पर लगाया है। ईपीएफ में धांधली की शिकायत उन्होंने ऑनलाइन उपायुक्त बिलासपुर, ईपीएफ कमिश्नर शिमला, मुख्यमंत्री हिमाचल और प्रधानमंत्री व ऊर्जा मंत्रालय को भेजी है। कामगारों के कहना है कि कंपनी में वाटर सप्लाई के ठेकेदार ने उनका 17 महीनों का ईपीएफ हड़प लिया है और उन्हें केवल 10 महीनों का ही ईपीएफ दिया गया है। इसके चलते वर्करों में खासा गुस्सा है।
एनटीपीसी वाटर सप्लाई जमथल में काम कर रहे वर्करों सुरेश कुमार, जगदीश, वीरेंद्र, राज कुमार, नसीब कुमार, संजय कुमार, अनिल कुमार, विपन कुमार, कश्मीर सिंह, सुजीत कुमार, रामपाल व राज कुमार का कहना है कि उनके ईपीएफ में बड़ी धांधली की गई है। जिस ठेकेदार के अंतर्गत वह काम करते हैं उसने 27 महीनों के ईपीएफ की जगह सिर्फ 10 महीने का ईपीएफ ही उन्हें दिया है। बाकी 17 महीने का ईपीएफ ठेकेदार ने कहीं बताया ही नहीं और न ही वर्करों को दिया है। इतना ही नहीं वर्कर सुरेश कुमार का कहना है कि सिर्फ पैसों का ही नहीं बल्कि उनके ईएसआईसी, आईपी कार्ड में भी हेरफेर है। जो कार्ड इन्हें जारी किया गया है वह बद्दी में काम कर रहे किसी और वर्कर अटल बिहारी मिश्रा के नाम से जारी है। अगर इसकी जांच की जाए तो कई और आईडी नंबर किसी और के नाम से मिलेंगे।
इससे पहले भी ठेकेदारों की हरकतों के कारण वर्कर हड़ताल करने के लिए मजबूर हो चुके हैं। अगर ठेकेदारों के वर्करों के साथ ऐसा ही रवैया रहा तो आने वाले समय में परियोजना में काम कर रहे वर्करों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा नहीं है कि यह सब एनटीपीसी में पहली बार वर्करों के साथ हो रहा है। इससे पहले भी वर्कर इस बाबत सुरेश कुमार केंद्रीय मंत्रालय से लेकर प्रदेश सरकार और जिला उपायुक्त व एनटीपीसी जीएम को शिकायत सौंप चुके हैं। वर्करों ने मांग की है कि इस धांधली की जल्द ही जांच की जाए। वर्करों को उनकी मेहनत का पूरा पैसा मिलना चाहिए।
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...सरोज पाठक...खेमराज शर्मा।