बिलासपुर (रामपुर)। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम ने मंगलवार को अपने समर्थकों की बैठक बुलाकर लोकसभा चुनाव को लेकर घंटों मंथन किया। मंथन के बाद तय हुआ कि वह चुनाव लड़ेंगे नहीं, बल्कि पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां के विपक्ष में मजबूत प्रत्याशी को चुनाव लड़ाएंगे। उन्होंने 25 ग्राम प्रधानों की एक कमेटी का गठन कर कहा कि जिसे कमेटी तय कर लेगी, वह उसी प्रत्याशी को चुनाव लड़ाएंगे।
मंगलवार को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के ग्राम पंजाबनगर स्थित आवास पर उनके समर्थकों की आम बैठक हुई, जिसमें पूरे जिले से आए समर्थकों ने हिस्सा लिया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि एक पूर्व मंत्री ने अवाम के साथ जो जुल्म किए हें, वह किसी से भी नहीं छुपे हैं और लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले पूर्व मंत्री के विपक्ष में काम करना चाहते हैं, इसके लिए सभी समर्थकों की राय लेने के लिए ही उन्होंने अहम बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि सभी लोग जो भी फैसला करेंगे, उसी को अमल में लाया जाएगा। तय हुआ कि वह स्वयं चुनाव नहीं लड़ेंगे और 25 लोगों की एक कमेटी का गठन किया गया, जिसमें अधिकतर ग्राम प्रधान शामिल हैं। कमेटी पर यह फैसला छोड़ा गया कि वह तय करके उन्हें बता दें कि वह किस मजबूत प्रत्याशी को चुनाव लड़ाएं, ताकि पूर्व मंत्री को अहसास कराया जा सके। कमेटी ने बताया कि वह बुधवार को अपना निर्णय उन्हें सुना देगी। बैठक में मनकरा किसान सेवा सहकारी समिति के पूर्व चेयरमैन अबुल कलाम, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव मोहम्मद याकूब अली खां, रिजबान हुसैन, जाकिर हुसैर, मौलाना अबरार हुसैन, मसरुर हुसैन, रईस अहमद, शाहिद हुसैन, अकबर अली, रियाज अहमद आदि ने भाग लिया।