मछली उत्पादन प्रभावित होने से पड़े रोजीरोटी के लाले
कलोल में तहसीलदार ने सुनी मछुआरों की समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की ओर से मनमाने तरीके से की गई डंपिंग को लेकर मछुआरों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपतहसील कलोल के तहसीलदार ने मछुआरों की शिकायत सुनी।
गौरतलब है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण से निकल रहे मलबे को गोबिंद सागर झील व उसके सहायक नालों में डंप करने पर प्रभावित मछुआरों द्वारा चेयरमैन पर्यावरण दिल्ली, एडीएम बिलासपुर, निदेशक मत्स्य विभाग बिलासपुर, एसडीएम सदर, पर्यावरण अभियंता व जिला वन अधिकारी को शिकायत की गई जिनकी शिकायतों को देखते हुए उपतहसील कलोल के तहसीलदार, पटवारी व सहायक क्लर्क की ओर से जड्डू में लोगों की समस्याओं को सुना।
जड्डू मत्स्य सहकारी सभा समिति के प्रधान कर्म सिंह ने बताया कि मछुआरों ने अवैध डंपिंग से होने वाले नुकसान को लेकर भरपाई की मांग की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अवैध डंपिंग से मछुआरों का जीना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अवैध डंपिंग से मछली उत्पादन में भी कमी आई है लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इस मौके पर राजेंद्र, कुंजूराम, रामपाल, घनश्याम, रोहिणी देवी, मलका, नंदलाल, राकेश, मस्तराम, श्यामलाल, कांशीराम, माया देवी, सहित जड्डू, कड़ोह, कुल्जयार, बेला-बोहड़, अरलोह, जोड़ध्यानी, पियुंगली, जंगल-थथल-चौंता गांवों के लोगों ने भाग लिया व अपनी समस्याओं से अवगत करवाया।
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..खेमराज शर्मा।