भोट। खेल-खेल के दौरान कक्षा 11 के छात्र की चप्पल नाले में गिर गई। चप्पल निकालने के लिए वह नाले में घुसा तो वह गहरे पानी में डूब गया, जिसके कारण उसके घर में कोहराम मच गया। एसडीएम स्वार व तहाीलदार के साथ ही भोट पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और छात्र को पानी में खोजा जा रहा है।
घटना भोट थना क्षेत्र के ग्राम बैरमनगर की है। ग्राम निवासी भूरा खां का सबसे छोटा पुत्र मुस्तफा 18 वर्ष नगर के मिल्टन एजूकेशनल एकेडमी में कक्षा 11 में पढ़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक, मुस्तफा शुक्रवार की शाम करीब साढे छह बजे गांव के पास बहने वाले बरसाती खर्रा यानि नाले के पास गांव के ही कुछ युवकों के साथ खेल रहा था। खेल खेल के दौरान छात्र की चप्पल अचानक नाले में गिर गई। वह नाले में झुककर चप्पल निकालने लगा। इस दौरान उसका पैर अचानक फिसल गया, जिसके कारण वह नाले में डूब गया। छात्र के नाले में डूबने के बाद उसके साथियों ने शोर मचा दिया। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में मौके पर काफी लेागों की भीड़ एकत्र हो गई। परिजन भी विलाप करते हुए मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने ग्रामीणेां की मदद से छात्र को पानी में खोजना शुरु कर दिया। सूचना पर भोट थाना प्रभारी धीरेंद्र गंगवार, स्वार एसडीएम लालता प्रसाद शाक्य, स्वार तहसीलदार कृष्ण गोपाल भी मौके पर पहुंच गए। खबर लिखे जाने तक ग्रामीण छात्र को खेाजने में लगे थे, मगर उसका कहीं पता नहीं चल पा रहा था। पुलिस का कहना है कि छात्र को खोजने के प्रयास चल रहे हैं। ग्राम प्रधान अब्दुल रसीद खां ने बताया कि गांव के पास बहने वाले पाले गांव व जंगल का बरसाती बहता है।
संसाधनों के अभाव में मूक बना रहा प्रशासन
बिलासपुर। ग्राम बैरमनगर निवासी भूरा खां का पुत्र मुस्तफा खां शुक्रवार की अपराह्न करीब तरीन बजे नाले में डूबा था। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने छात्र को पानी में खोजना शुरु कर दिया था, मगर शाम तक नहीं मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना के बाद पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे जरुर, मगर वह भी बिना संसाधनों के। नाले किनारे खड़े अधिकारी छात्र को खोजने के लिए ग्रामीणों को तो राय देते नजर आए, मगर सरकारी सहायता के तौर पर संसाधनों की कोई व्यवस्था नहीं कर पाए। एसडीएम स्वार के निर्देश पर स्वार तहसील की बाढ़ चौकी से जुड़े कुछ गोताखोर मौके पर बुलाए गए थे। रात करीब आठ बजे तक कोई भी गोताखोर मौके पर नहीं पहुंचा था। जिसके कारण ग्रामीणों में पुलिस एवं प्रशासन के प्रति रोष भी देखा गया।
चार भाईयों में सबसे छोटा था मुस्तफा
बिलासपुर। ग्राम बैरमनगर निवासी भूरा खां के चार पुत्रों में मुस्ताफा सबसे छोटा था। वह हाईस्कूल तक दिल्ली के एक कालेज में पढ़ा था। इसके बाद अपने गांव आ गया और परिजनों ने उसका दाखिला कक्षा 11 में नगर के मिल्टन स्कूल में करा दिया था।
ग्रामीणों ने ट्रैक्टर लगाकर नाले में किया उजाला
बिलासपुर। ग्राम बैरमनगर में छात्र मुस्तफा को खोजने के लिए ग्रामीणेां ने रात के अंधेरे से निपटने को नाले के दोनों तरफ ट्रैक्टर खड़े करके उजाला किया था, ताकि गोताखोर रात के अंधेरे में परेशान न हों। नाले पर ग्रामीणेां का हुजूम लगा हुआ था।