अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। श्रीनयना देवी के विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि वन है तो हम हैं। वनों से मानव जीवन जुड़ा है, इस लिए हमें वनों के संरक्षण पर बल देने की आवश्यकता है, तभी वन महोत्सव मनाने का महत्व है। रामलाल ठाकुर वन परिक्षेत्र स्वारघाट के तहत ग्राम पंचायत री में मनाए गए वन महोत्सव के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आज इस भागमभाग के दौर में व्यक्ति ये भूल गया है कि अगर दिन प्रतिदिन जंगलों का दोहन इसी प्रकार से होता रहा तो हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए कुछ नहीं बचेगा। हर साल वन महोत्सव के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन किसी ने ये जानने की कोशिश नहीं की कि जो पौधरोपण किया गया है वह कितना सफल हुआ है।
उन्होंने कहा कि पौधरोपण के लिए गांव के लोगों की सहभागिता आवश्यक तौर पर की जानी चाहिए ताकि उनके क्षेत्र में किए गए पौधरोपण की देखभाल की जिम्मेवारी भी उन्हें सौंपी जा सके। लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि अगर अपने क्षेत्र के वातावरण को साफ सुथरा व प्रदूषण मुक्त रखना है तो वनों को आग से बचाने के लिए आगे आना होगा तथा अपने अपने क्षेत्र में जहां भी खाली जमीन उपलब्ध हो चाहे सरकारी हो या निजी भूमि हो उस पर पौधरोपण करें।
कहा कि वन मंत्री के आदेशों के तहत श्रीनयना देवी विधानसभा क्षेत्र में वन महोत्सव मनाया गया लेकिन इस अवसर पर विभाग की तरफ से मात्र वन परिक्षेत्र अधिकारी ही मौके पर पहुंच पाया है। सरकारी अधिकारियों के मन में तबादलों की दहशत इस कदर बैठ गई है कि वो अपना दायित्व ही भूल गए हैं।
इस अवसर पर उनके साथ जिला परिषद अध्यक्ष अमरजीत सिंह बंगा, श्रीनयना देवी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रणजीत सिंह ठाकुर, प्रदीप शर्मा, गुरदयाल सिंह, देवीराम ठाकुर, अमरजीत कौर, मदनलाल शर्मा, सुरेंद्रा कुमारी, प्रभात चंदेल, रामदास चौधरी, सतीश कुमार शर्मा के साथ-साथ वन परिक्षेत्र अधिकारी स्वारघाट शंकर लाल, बीओ पवन कुमार, नंद लाल सहित वन रक्षक तथा ग्राम पंचायत री, स्वाहन व बैहल के लोगों ने भाग लिया।