अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। जेबीटी की काउंसलिंग के लिए जा रहे छात्रों ने सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें विभिन्न जिलों में घुमाने की बजाय उनके अपने जिले में ही यह काउंसलिंग की जाए तो ज्यादा बेहतर रहेगा। जेबीटी अभ्यर्थियों शिवानी सीमा, नीलम, पुरुषोत्तम, रविंद्र रिचा, नरेंद्र, हरि ओम तथा विशाल ने बताया कि इससे पहले भी धूमल सरकार के कार्यकाल में इसी तरह का निर्णय लिया गया था और हर जिले से आवेदन करने को कहा गया था।
उन्होंने बताया कि इस बार भी 9 जुलाई को मंडी, 10 जुलाई को शिमला और 11 जुलाई को चंबा तथा 12 जुलाई को बिलासपुर में यह साक्षात्कार रखे गए हैं। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि जब जेबीटी की काउंसलिंग के लिए जिला कैडर है तो अपने जिले में ही काउंसलिंग होनी चाहिए क्योंकि अन्य जिलों में जाकर हर अभ्यर्थी के लिए यह संभव नहीं है कि वह हर दिन नए स्टेशन पर जाकर काउंसलिंग में भाग ले।
उन्होंने बताया कि धूमल सरकार से पहले यह पॉलिसी अलग थी तथा अपने जिले में ही है काउंसलिंग हुआ करती थी लेकिन उन्होंने इसे बदला और टेट मेरिट के बाद यह काउंसलिंग हर जिले में कर दिया और साथ में यह भी कह दिया कि हर अभ्यर्थी हर जिले में काउंसलिंग में भाग ले सकता है।