बिलासपुर।
सदर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने आते ही विस्थापितों के साथ अनदेखा करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह उपायुक्त बिलासपुर ने न्यायालय में शपथ पत्र दायर कर कहा है कि वह अवैध कब्जों को यहां से हटाएंगे। उससे लोगों में सरकार के प्रति खासा रोष है।
बिलासपुर कांग्रेस भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि बिलासपुर शहर भाखड़ा विस्थापित है। पूरा का पूरा शहर 999 साल की लीज पर है। पिछली कांग्रेस सरकार ने यहां पर अवैध कब्जों को नियमित करने के लिए कहा था, जिसमें 150 वर्ग मीटर का कब्जा भी नियमित करने को कहा था। करीब 26 लोगों के तो कब्जे नियमित हो गए हैं। लेकिन बाकी के रह गए हैं। पिछले नियमतीकरण को लेकर कुछ शर्तें है। पूर्व विधायक ने सरकार से मांग की है कि जो खामियां पिछली सरकार के समय रह गई थीं उन्हें पूरा किया जाए। ताकि विस्थापितों को उनका हक मिल सके। जिस तरह से डीसी बिलासपुर ने शपथ पत्र दायर कर कहा है कि वह अवैध कब्जों को तोड़ेंगे, उससे साफ दिखता है कि बिलासपुर की जनता के साथ अनदेखी की जा रही है। जबकि 200 विस्थापित ऐसे भी हैं, जिन्हें अभी तक प्लाट तक नहीं मिले हैं।
उन्होंने उद्योग क्षेत्रों में प्लाट रद्द करने को लेकर भी सरकार को आड़ेे हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्लाट रद्द करने से पहले सरकार को उद्योगों के मालिकों को दिक्क्तों के बारे में पूछना चाहिए था ताकि सरकार उन्हें राहत पैकेज दे सके। वीरभद्र सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में सर्विस सेंटर भी दिया है। इसके तहत अन्य गतिविधियां भी कर सकते हैं। लेकिन उसके बावजूद प्लॉटों को रद्द करने को लेकर की गई कार्रवाई गलत है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने बिलासपुर के लोगों के हितों के साथ भेदभाव किया तो वह सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप, सेवानिवृत्त एसडीओ हवीब खान, पार्षद नवीन वर्मा, नायम सहित अन्य उपस्थित थे।