बिलासपुर। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बिलासपुर में बुधवार सुबह अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। बैठक में सभी विभागों के एचओडी मौजूद रहे। उन्होंने बैठक में कहा कि भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं का जल्द निदान करें। उन्होंने कहा कि अभी भी 245 लोग भूमिहीन हैं जिनका पुनर्वास करना अनिवार्य है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली से भी सीएम नाराज नजर आए और चिंता प्रकट की। इस मौके पर सीएम ने पानी, कानून व्यवस्था के अलावा अन्य विभागों से अपडेट लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें काम चाहिए और जो काम करेगा उसे सहयोग भी देंगे।
मुख्यमंत्री ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के मुआवजे और लोगों की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि 97 प्रतिशत प्रभावितों को मुआवजा दे दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जिला में नावार्ड के तहत परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि अभी 14 परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं और 2 परियोजनाओं का कार्य जारी है। उन्होंने सिंचाई स्कीमों के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनाओं के तहत लंबित पड़ी सड़कों के निर्माण के बारे में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने भानुपल्ली-बरमाणा बेरी रेल लाइन के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि 53 किमी रेललाइन का प्रथम चरण में 10 किमी का सर्वे अंतिम चरण में है। जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य, सड़कों, पेयजल स्कीमों के बारे भी विस्तृत जानकारी ली। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के बारे भी चिंतित दिखे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से लोगों को जलजनित रोगों के बारे में जागरूक करने को कहा। वहीं कानून व्यवस्था के बारे भी जानकारी ली और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। खासकर नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता स्वच्छ प्रशासन, कानून व्यवस्था सुदृढ़ करना है। हमें नशे पर अंकुश लगाना होगा। इसके लिए कठोर पग उठाने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी को इससे बचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें काम करने वाले अधिकारियों की जरूरत है। केंद्र सरकार के विकासात्मक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करके दें और केंद्र सरकार से परियोजनाओं को जल्द स्वीकृत करवाया जाएगा। केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग को तैयार है। इस मौके पर जिला के विधायक भी मौजूद रहे।