अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बिलासपुर में लगभग पांच करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले लॉयर चैंबर का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस तीन मंजिला भवन में अधिवक्ताओं के लिए 100 चैंबर के अतिरिक्त ग्राउंड में
पार्किंग और चैंबर की व्यवस्था होगी। हिमाचल प्रदेश की न्यायिक प्रणाली को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सभी को कड़ी मेहनत करनी होगी। हम सब एक परिवार के सदस्य हैं और परिवार में सभी की अलग-अलग राय होती है, जिसके कारण कभी-कभी कुछ छोटे-छोटे विवाद पैदा हो जाते हैं। इन छोटे-छोटे विवादों को आपस में बैठ कर परिवार के भीतर ही हल करने की आवश्यकता है। सूर्यकांत ने कहा कि गरीब वर्गों के लोगों को त्वरित न्याय प्रदान करने के लिए बार और बैंच में आपसी तालमेल होना जरूरी है। न्यायिक अधिकारियों, बार सदस्यों तथा लोगों के लिए एक बेहतर न्यायिक प्रणाली के लिए न्यायालयों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ता प्रदान करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को बेहतर न्याय प्रदान किया जा सके। बेहतर न्यायिक प्रणाली के लिए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा जिला तथा उपमंडल स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार का भी आवश्यक सहयोग मिल रहा है।
उधर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजस्वी शर्मा ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सूर्यकांत से मांग की है कि यहां पर लॉयर चैंबर बनाया जाए ताकि अधिवक्ताओं की इसकी सुविधा मिल सके। इस मौके पर हिमाचल उच्च न्यायालय रजिस्ट्रार जनरल वीरेंद्र
सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके चौधरी, जिला उपभोक्ता संरक्षण अध्यक्ष ऊना भुवनेश अवस्थी, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश घुमारवीं पूने राम, एलडी सीजेएम विवेक शर्मा व अन्य लोग उपस्थित थे।
-----------------------------