अमर उजाला ब्यूरो
बरठीं (बिलासपुर)। प्रदेश में 108 और 102 पर अपनी सेवाएं दे रहे कर्मियों ने जीवीके ईएमआरआई कंपनी के खिलाफ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के आवास पर जाकर अपनी भड़ास निकाली। साथ ही कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
108 व 102 कर्मचारी यूनियन के उपाध्यक्ष विष्णु राम शर्मा, रवि कुमार, राकेश कुमार,
रविंद्र कुमार, कर्म सिंह, रविंद्र सिंह, अर्चना चौधरी, सुनील कुमार, देशराज, मलकीयत सिंह, राजीव कुमार, संदीप कुमार, संजीव कुमार, पंकज कुमार, राजेश कुमार, सहित अन्य कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य मंत्री नड्डा से मिला।
उन्होंने मंत्री को बताया कि जीवीके ईएमआरआई कंपनी जहां कर्मचारियों से 24, 48 और 72 घंटे काम करवाकर शोषण कर रही है, वहीं यह कंपनी प्रदेश में 102 व 108 एंबुलेंस सेवाओं के नाम पर खटारा गाड़ियां चला रही हैं जिस कारण प्रदेश के मरीजों को भी गाड़ियों के खराब होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज गाड़ी में होता है और गाड़ी की सर्विस समय पर न होने से वह रास्ते में खड़ी हो जाती है। ऐसे में समय पर मरीज चिकित्सा केंद्र तक नहीं पहुंच रहे हैं। गाड़ियों के टायर फट चुके हैं अधिकांश गाड़ियां खराब होकर खड़ी हो चुकी हैं, जबकि कुछ धक्का स्टार्ट हैं। गाड़ियां समय पर मरीजों तक न पहुंचने के कारण प्रदेश में कई मरीजों की जान तक जा चुकी है। उनको समय पर वेतन नहीं दिया जाता है जिससे उनके परिवार का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो चुका है। कंपनी के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग और साथ ही उनकी समस्याओं को हल करने की मांग की है।
उधर, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि कंपनी के खिलाफ शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है जिसकी जांच की जाएगी। यदि शिकायत सही पाई गई तो कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी।
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