बेटी की शादी की चिंता में किसान की मौत, कोहराम
बिलासपुर (द्भद्गष्द्धद्दद्भ)। एक ओर 96 बेटियों के हाथ पीले हो रहे थे। वहीं, दूसरी ओर एक किसान ने बेटी के हाथ पीले करने की चिंता में दम तोड़ दिया। शुक्रवार की शाम हृदयगति रुकने से उसकी मौत हो गई। किसान की मौत से पूरे घर में कोहराम मच गया है। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
घटना ग्राम पृथ्वीपुर उर्फ चिड़ियाखेड़ा की है। ग्राम निवासी लालता प्रसाद के पुत्र वीरपाल के मुताबिक, उसके पिता के पास मात्र तीन बीघा जमीन है। किसान खेतीबाड़ी करके परिवार का पालन पोषण करता था। मृतक की दो पुत्रियां थीं। परिजनों के मुताबिक, किसान ने पुत्री माया की शादी गांव निवासी युवक से तय कर दी है। शादी की तारीख 28 अप्रैल तय हुई है। बेटी के हाथ कैसे पीले होंगे, इसी चिंता में किसान की जान चली गई। परिजनों का कहना है कि शुक्रवार की शाम किसान घर पर था। अचानक उसकी हालत खराब हो गई। हालत बिगड़ने पर उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने किसान को बाहर ले जाने की सलाह। परिजन किसान को किसी अस्पताल में भर्ती कराते उससे पहले किसान ने दम तोड़ दिया। किसान की मौत से उसके घर में कोहराम मच गया। चिकित्सकों ने लालता प्रसाद की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। एसडीएम दुर्गा शंकर गुप्ता का कहना है कि किसान की मौत की जानकारी नहीं है। इस मामले की जांच कराई जाएगी।