बिलासपुर (रामपुर)। ग्राहकों के धन से बंजर जमीन खरीदकर उपजाऊ बनाकर छह साल में धन दोगुना करने वाली एक चिटफंड कंपनी करीब पांच सौ ग्राहकों के करीब छह करोड़ से अधिक रुपये डकारकर फरार हो गई। ग्राहकों ने कंपनी के तीन निदेशकों को मुरादाबाद जिले में धर दबोचा और स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। ग्राहकों ने फरार कंपनी संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। बाद में तीस दिसंबर तक ग्राहकों को उनका पैसा लौटाने का शपथ पत्र देेने के बाद पुलिस ने कंपनी के तीनों निदेशकों को छोड़ दिया।
नगर के मोहल्ला आनंदगर निवासी कृष्णा चंद्र शर्मा,अब्दुल नवी, अमर सिंह, विनोद आर्य आदि के मुताबिक मुरादाबाद के कुछ लोगों ने नगर के मोहल्ला आनंदनगर व रुद्रपुर में एक कंपनी का कार्यालय खोला। जिसमें कंपनी के लोगों ने ग्रहाकों को प्रलोभन दिया कि वह छह साल के लिए ग्राहकों द्वारा जमा किए गए धन की एफडी करते हैं और उस धन से बंजर जमीन को खरीद कर उपजाऊ करके मुनाफा कमाते हैं। छह साल के बाद ग्राहक को दोगुना धन वापस कर देते हैं। ग्राहकों का कहना है कि बिलासपुर व रुद्रपुर मं करीब पांच सौ लोगों ने करीब छह करोड़ से अधिक रुपये जमा कर दिए। कंपनी संचालकों ने मुरादाबाद क्षेत्र में ही एक दूध की फैक्टरी खोल ली। पालिसियों की समय अवधि पूरे होने पर कंपनी ने बिलासपुर व रुद्रपुर के कार्यालय बंद कर दिए और सभी लोग फरार हो गए। अपना धन लेने के लिए परेशान ग्राहकों ने दूघ की फैक्टरी पहुंचकर कंपनी संचालकों से धन वानस करने की मांग की तो वह लोग कंपनी को घाटा बताकर टाल मटोल करते रहे। ग्राहकों ने मामले की शिकायत एसएसपी मुरादाबाद, एसपी रामपुर आदि से भी शिकायतें कीं, मगर कोई नतीजा नहीं निकला। ग्राहकों ने 26 जून को फैक्टरी पहुंचकर कंपनी के तीन निदेशकों को दबोच लिया और डायल 100 पुलिस व मुरादाबाद पुलिस को बुला कर उनके हवाले कर दिया। पुलिस तीनों को मूंडापांडे थाने ले गई। बाद में स्थानीय पुलिस की मदद से ग्राहक तीनों को स्थानीय कोतवाली ले आए। ग्राहक अपना तमा केया हुआ धन मांग रहे थे। ग्राहकों ने कंपनी के सीएमडी समेत नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी कर करीब छह करोड़ रुपये हड़पने की तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। ग्राहकों ने पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि वह इससे पहले कंपनी संचालकों को पकड़कर मुरादाबाद के मझोला थाने में भी दे चुके हैं। उस वक्त भी संचालकों ने शपथ पत्र देकर बाद में धन देने को कहा था। कोतवाली प्रभारी माधो सिंह बिष्ट का कहना है कि ग्राहकों को तीनों निदेशकों ने तीस दिसंबर तक धन वापस करने की बात शपथ पत्र पर लिखकर दी है। निर्धाकरत तिथि पर धन वापस न करने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।