बरमाणा (बिलासपुर)। पंजगाई गांव के बीचो-बीच बने तालाब में जमा पानी सीधे तौर पर डेंगू, मलेरिया के मच्छरों को पनपने में न्योता दे रहा है। तालाब के बीच इतना पानी जमा है कि वहां पर आसानी से डेंगू का मच्छर अंडे देकर लारवा पैदा कर सकता है, जो मच्छर बन कर लोगों के लिए खतरे की घंटी है। अगर समय रहते यहां पर पानी को सुखाया नहीं गया या फिर पानी में लारवा खत्म वाली दवा नहीं डाली गई तो आने वाले समय में यहां डेंगू का मच्छर पैदा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
तालाब के एक तरफ जहां सरकारी स्कूल हैं, वहीं एक तरफ पूरा पंजगाई गांव है। यह तालाब लोगों के लिए आस्था का केंद्र भी रखता है। पहले लोग इसी तालाब से पानी भर कर घरों को ले जाते थे, लेकिन समय के साथ यह तालाब अपनी महत्ता भी खोता गया। अब इसका सही तरीके से रखरखाव न हो पाने के कारण यहां पर गंदा पानी खड़ा हुआ है जिसमें मक्खी, मच्छर भिनभिनाते रहते हैं। ऐसे में यहां पर कभी भी डेंगू बम फट सकता है जो पूरे गांव को अपनी चपेट में ले सकता है।
गौरतलब है कि बिलासपुर जिला में पिछले साल डेंगू का कहर लोगों पर बरपा था। तीन से चार माह के भीतर ही डेंगू ने 2000 से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में लिया था। इसमें पंजगाई, बिलासपुर शहर, मार्कंडेय, घुमारवीं, झंडूता के इलाके शामिल थे। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि इस बार भी डेंगू विकराल समस्या के रूप में सामने आ सकता है, अगर लोगों ने सावधानी नहीं बरती। डेंगू को लेकर बिलासपुर में विशेषज्ञों की टीमें भी पहुंची थी, जो यहां से लारवा व डेंगू का मच्छर अपने साथ शोध के लिए ले गए थे। परमा देवी, शीतला देवी, अजय, बलराम, गोलू सहित अन्यों ने मांग की है कि तालाब में ऐसी दवा डाली जाए जिससे मक्खी, मच्छर पैदा न हों।