बिलासपुर। दीवाली के सीजन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग चौकना हो गया है। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने सभी जिलों के अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वह रोजाना एक-एक सैंपल भरे व हर सप्ताह इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजना सुनिश्चित करें ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को पकड़ा जा सके।
गौरतलब है कि दीवाली सीजन के शुरू होते ही मिठाई सहित अन्य खाद्य वस्तुओं की मांग ज्यादा हो जाती है। ऐसे में दुकानदार ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटी मिठाइयों का प्रयोग करते हैं। इन मिठाइयों से लोगों को तरह-तरह की बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है। जबकि जो खोया बाहरी राज्यों से मंगवाया जाता है, उसमें भी मिलावट होती है। ऐसे में मिलावटी मिठाइयां खाने से लोग तरह-तरह के रोगों की चपेट में आ जाते हैं। हिमाचल में हर साल बाहरी राज्यों से करोड़ों रुपये का खोया आता है। ऐसे में मिलावटी खोये आने की संभावना और दिनों के मुकाबले त्योहारी सीजन को देखते हुए ज्यादा बढ़ जाती है। कम दाम होने के चक्कर में दुकानदार इसे खरीद लेते हैं व लोगों को आगे मिठाई के रूप में इसे बेच देते हैं। ऐसे दुकानदारों व बाहर से मिलावटी खोया बेचने वालों पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग चौकना हो गया है व विभाग ने अपने फिल्ड में बैठे अधिकारियों व कर्मचारियों को पहले के मुकाबले ज्यादा चौकसी बरतने को कहा है।
स्वास्थ्य विभाग की नामित अधिकारी सवीता ठाकुर का कहना है कि मुख्यालय से ऐसे आदेश मिले हैं, जिसमें दीवाली सीजन को देखते हुए हर माह 30 सैंपल भरने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि हर सप्ताह उनके कार्यों की रिपोर्ट भेजने को भी कहा गया है।
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