अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर की ओर से 9 लाख 48 हजार की लागत से डेंगू को रोकने के लिए लाई गई फॉगिंग मशीन एक ड्रामा बनकर रह गई है। विभाग की ओर से मशीन से शहर में सिर्फ एक बार ही फॉगिंग करवाई गई है। यहीं कारण है कि आज विभाग की लापरवाही से बिलासपुर में फैला डेंगू स्थिति से बाहर हो गया है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग ने कुछ माह पहले 90 हजार से अधिक लागत से छोटी मशीन खरीदी थी लेकिन उस मशीन से विभाग को कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि बिलासपुर में फैला डेंगू काफी अधिक मात्रा में हो गया है।
इसी के चलते दो सप्ताह पहले विभाग ने शिमला से 9 लाख की लागत से बड़ी मशीन खरीदी। यह मशीन बड़ी है और इसमें एक बारी में 50 लीटर डीजल लगता है। इतने डीजल से सिर्फ एक घंटा ही फॉगिंग की जा सकती है। वहीं, विभाग ने भी शहर में मात्र एक बार ही फॉगिंग की है। इससे अब सवाल यह भी पैदा होता है कि विभाग या फिर इतने में मंहगे तौर तरीके से फॉगिंग करवाने में असमर्थ है या फिर विभागीय अधिकारी इसकी ओर ध्यान देना उचित नहीं समझ रहे।
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जीका वायरस ने दी बिलासपुर में दस्तक
बिलासपुर में डेंगू के साथ-साथ जीका वायरस भी लोगों में पाया गया है, क्योंकि डेंगू वायरस के साथ ही स्क्रब टायफस के लक्षण भी लोगों में पाए गए हैं। वहीं, इस स्क्रब टायफस से लोगों को जीका वायरस भी हो रहा है। विभाग की लापरवाही से आज बिलासपुर को तीन से चार बड़ी बीमारियों ने जकड़ लिया है।
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