अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)।
हरनोड़ा में मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के मामले में सीएमओ बिलासपुर की ओर से गठित तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम हरनोड़ा में अक्षम नौनिहालों से मिली। यह टीम डॉक्टर परमिंद्र की अध्यक्षता में काम करेगी और पता लगाएगी कि एक ही गांव में इतने बच्चों का दीमागी स्तर पर अक्षम होने का कारण क्या है। वहीं, सीएमओ बिलासपुर का भी कहना है कि तीन डॉक्टरों की यह टीम गांव में घर-घर जाकर सर्वे करेगी और उसके बाद जो उपयुक्त जांच होगी या किसी और विभाग से कोई सहायता लेने की आवश्यकता होगी तो वो भी किया जाएगा ताकि बच्चों के अक्षम होने का कारणों का पता चल सके। गौरतलब है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरनोड़ा में एक साथ 11 बच्चों का मानसिक स्तर कम पाया गया था। सबसेे बड़ी बात तो यह थी कि ये बच्चे एक ही गांव से संबंध रखते हैं। पूरा गांव करीब 30 घरों का है। ऐसे में हर तीसरे घर के बच्चे का मानसिक रूप से कमजोर होना किसी के गले नहीं उतर रहा है। इस मामले को लेेकर अमर उजाला ने दिनांक 20 फरवरी को खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने बिलासपुर सीएमओ को आदेश देकर टीम गठित कर संबंधित गांव का दौरा करने को कहा था। इसके बाद तीन डॉक्टरों की टीम का गठन किया गया था। शिक्षा मंत्री विपिन परमार और बिलासपुर के उपायुक्त ने भी मामले की गंभीरता से जांच के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि अगर सीएमसो बिलासपुर को इस मामले में सरकार से किसी खास सहयोग या खर्चे की सहायता चाहिए होगी तो सरकार की ओर से हर सहायता मुहैया करवाई जाएगी।
स्कूल प्रधानाचार्या कुसुम कपूर में बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल पहुंची थी। टीम अक्षम बच्चों से मिली और बच्चों के माता-पिता का नाम पता भी दर्ज किया, जिससे वे उनसे मिलकर आगे की जांच पूरी कर सकें।
इसके बारे में सीएमओ बिलासपुर वीके चौधरी का कहना है कि टीम ने बच्चों का स्कूल जाकर नाम पता प्राप्त किया है। अब टीम घर-घर जाकर इस बात का पता लगाएगी कि बीमारी के पीछे क्या कारण हैं। जल्द ही डोर-टू-डोर सर्वे भी शुरू कर दिया जाएगा।