बरमाणा (बिलासपुर)। एशिया की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन बीडीटीएस बरमाणा आठ माह बाद ही भंग होने की कगार पर पहुंच गई है। बरमाणा में बीडीटीएस कार्यकारिणी के कुछ सदस्य कार्यकारिणी के बड़े पदों पर बैठे प्रबंधन वर्ग के काम से खुश नहीं हैं। कार्यकारिणी के तीन सदस्यों ने खुद को वर्तमान कार्यकारिणी से अलग कर दूसरे पक्ष को समर्थन दिया है। इससे अब विपक्ष में बैठे अन्य सदस्य अब नई कार्यकारिणी बनाने जा रहे हैं। सोमवार को पुरानी कार्यकारिणी भंग कर नई कार्यकारिणी बन जाएगी।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान कार्यकारिणी के लिए चुनाव इसी साल 23 मार्च को हुए थे। इसके बाद एक सप्ताह बाद गठजोड़ करने के बाद नई कार्यकारिणी बनाई गई थी। पूर्ण रूप से बहुमत कार्यकारिणी बनाने के लिए 11 सदस्यों की जरूरत होती है। वर्तमान कार्यकारिणी ने 11 सदस्यों के साथ अपनी कार्यकारिणी बना ली थी। लेकिन, अब तीन सदस्य कार्यकारिणी की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं। यूनियन से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इन सदस्यों का कहना है कि कार्यकारिणी सही तरीके से कार्य नहीं कर रही है। वहीं सूत्र यह भी बताते हैं कि नई कार्यकारिणी के लिए प्रधान व महासचिव भी लगभग तय कर लिए गए हैं। प्रधान पद की जिम्मेवारी के लिए जहां बरठीं के जीतराम गौतम के नाम पर सहमति बनी है, वहीं महासचिव पद के लिए कुनणू गांव के कुलदीप गौतम का नाम सबसे ऊपर है। इसके अलावा नई कार्यकारिणी के गठन के बाद पूरी कार्यकारिणी के अन्य पदों पर हेरफेर होना भी लाजिमी है।
21 अलग-अलग क्षेत्रों से चुने जाते हैं प्रतिनिधि
बीटीडीएस के चुनावों में जिला के 21 अलग-अलग क्षेत्रों से प्रतिनिधि चुनकर कार्यकारिणी का गठन करते हैं। इसमें 11 सदस्यों के बहुमत से कार्यकारिणी का गठन किया जाता है। इसमें विभिन्न पदों पर सदस्यों को बैठाया जाता है। अब इस कार्यकारिणी से तीन सदस्यों ने अपना समर्थन वापस लेने का मन बना लिया है। ऐसे में कार्यकारिणी भंग होने की कगार पर पहुंच गई है।
चुनावों को लेकर किया जा रहा स्टंट : रमेश
बीडीटीएस कार्यप्रणाली के वर्तमान प्रधान रमेश का कहना है कि यह सब चुनावों को लेकर मात्र एक स्टंट है, ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि कार्यकारिणी के सभी सदस्य उनके साथ हैं। यह सब एक अफवाह है। अगर ऐसा होता तो सदस्य अपना त्यागपत्र देते। लेकिन अभी ऐसा कुछ नहीं हुआ है।