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Bilaspur News: सीएचसी पंजगाईं में एक डॉक्टर के सहारे, नौ पंचायतों के 15 हजार ग्रामीण परेशान

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आपात स्थिति में मरीजों को बिलासपुर या सुंदरनगर ले जाना बनी मजबूरी
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डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई तो पंचायत प्रतिनिधियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए भी तय करनी पड़ रही लंबी दूरी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंजगाईं में डॉक्टर की कमी से करीब 15 हजार ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नौ पंचायतों के लोगों के लिए यह प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन यहां पर सिर्फ एक ही डॉक्टर उपलब्ध होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए जिला अस्पताल बिलासपुर या सुंदरनगर जाना पड़ रहा है। आपात स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। पंजगाईं पंचायत की प्रधान सुशीला शर्मा, उपप्रधान सुनील गौतम, धौन कोठी पंचायत की प्रधान सपना ठाकुर, उपप्रधान छोटा राम ठाकुर और धार टटोह पंचायत के प्रधान अभिषेक ठाकुर समेत अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार से जल्द डॉक्टर की तैनाती की मांग की है। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार पंजगाईं, धौन कोठी, धार टटोह, सोलग जुरासी, द्रोबड़, जमथल, हरनोडा, बरमाणा और बैरी पंचायतों के ग्रामीण सीएचसी पंजगाईं पर निर्भर हैं। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों और तीमारदारों को अतिरिक्त खर्च के साथ लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
हादसे में घायल मरीजों को भी करना पड़ता है रेफर
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि सड़क हादसे या अन्य आपात स्थिति में शुरुआती उपचार बेहद जरूरी होता है। सीएचसी में डॉक्टर नहीं होने के कारण हादसे में घायल मरीजों की प्राथमिक जांच और उपचार के लिए भी उन्हें जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। प्रतिनिधियों ने दावा किया कि समय पर उपचार न मिलने के कारण क्षेत्र में कई लोगों की जान तक जा चुकी है। हाल ही में एक मरीज की हालत बिगड़ने का मामला भी सामने आया। प्रतिनिधियों के अनुसार सीएचसी में मरीज को ग्लूकोज चढ़ाया गया था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान के लिए रेफर करना पड़ा। उनका कहना है कि डॉक्टर की मौजूदगी में मरीज की हालत का तत्काल आकलन कर जरूरी उपचार शुरू किया जा सकता था।
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डॉक्टर नहीं आया तो करेंगे आंदोलन
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीणों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी दूर जाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सीएचसी पंजगाईं में डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई तो क्षेत्र की पंचायतों और ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।
कोट
डॉक्टरों की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही डॉक्टर की नियुक्ति की जाएगी।
-डॉ. शशि दत्त शर्मा,सीएमओ,बिलासपुर
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