अमर उजाला ब्यूरो
श्री नयना देवी(बिलासपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्ति पीठ श्रीनयना देवी में हिमाचल और दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को सरेआम लूटा जा रहा है लेकिन इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन खामोश है। हालांकि बैठकों में दावे किए जाते हैं कि श्रीनयना देवी में आने वाले श्रद्धालुओं की सुख-सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाता है लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं से तय दाम से करीब 50 से 60 फीसदी मूल्य अधिक वसूला जाता है। जब कोई इसका विरोध करें जो कहा जाता है कि मालभाड़ा अधिक होने पर तय दाम से अधिक पैसा वसूला जाता है।
श्रीनयना देवी में पंजाब से पहुंचे श्रद्धालु विजय सोनी ने बताया कि जब उन्होंने दुकान से दैनिक इस्तेमाल का सामना खरीदना चाहा तो दुकानदार तय दाम से अधिक मूल्य बताया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो दुकानदार ने कहा कि कहीं भी चले जाओ यही मूल्य मिलेगा।
वहीं दूसरे मामले में पंजाब के ही एक अन्य श्रद्धालु मंजीत सिंह ने बताया कि जब वह मंदिर के पास वाली दुकान से साबुन और तेल खरीदने गए तो वहां उन्होंने 10 रुपये वाला साबुन 15 रुपये और 9 रुपये की तेल 15 रुपये में खरीदा। ऐसे में साफ है कि श्रीनयना देवी में कारोबारी यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सरेआम लूट रहे हैं।
गौर रहे कि हर साल श्रीनयना देवी में एक करोड़ के आसपास श्रद्धालु माता के दर्शन करने आते हैं। रविवार को श्रीनयना देवी में पहुंचे मंजीत कुमार, सुखबिंद्र सिंह, गगन दीप, सुरजीत कौर, दिल्ली के प्रदीप कुमार सहित अन्य लोगों ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि कारोबारियों द्वारा श्रद्धालुओं को लूटने के इस धंधे पर रोक लगाएं ताकि श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इधर, इस बारे में एसडीएम अनिल चौहान का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अगर इस प्रकार के मामले सामने आ रहे हैं तो कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।