अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। विभिन्न स्कीम वर्कर्स यूनियनों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर एटक के बैनर तले मंगलवार को उपायुक्त बिलासपुर परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता एटक के जिला प्रधान राजकुमार ठाकुर ने की।
धरने को संबोधित करते हुए एटक के प्रदेश सचिव प्रवेश चंदेल, बासुदेव वसु, पूर्व विधायक केके कौशल, पूर्व कर्मचारी नेता केश पठानिया, आशा वर्कर्स यूनियन की प्रधान गायत्री नड्डा, आईपीएच आउटसोर्स वर्कर्स यूनियन के प्रधान संजीव कुमार, मिड-डे-मील यूनियन की प्रधान कमलेश ठाकुर, महासचिव सुरेंद्रा ने केंद्र सरकार की नीतियों का जमकर विरोध किया।
वहीं स्कीम वर्कर्स की अनदेखी पर सरकार की जमकर आलोचना भी की। इसके बाद मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन, आशा वर्कर यूनियन, जन स्वास्थ्य एवं सिंचाई विभाग की आउटसोर्स वर्कर्स यूनियन, आटो रिक्शा यूनियन व ट्रांसपोर्ट यूनियन ने अपनी-अपनी मांगों का ज्ञापन डीसी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को प्रेषित भी किया।
मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन ने अपने ज्ञापन में मिड-डे-मील वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये मासिक करने, मिड-डे-मील वर्कर्स के लिए 25 बच्चों की शर्त को हटाने, मिड-डे-मील वर्कर्स को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रिक्त पड़े पदों पर नियुक्त करने, हटाए गए मिड-डे-मील वर्करों को तुरंत बहाल करने, सरकारी स्कूलों में शुरू की गई नर्सरी कक्षाओं के बच्चों की संख्या को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग से मिड-डे-मील वर्कर रखने, मिड-डे-मील स्कीमों का निजीकरण बंद करने, मिड-डे-मील वर्करों को राखी, भैया दूज, करवा चौथ व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की छुट्टियां दिए जाने, मिड-डे-मील वर्कर्स व उनके परिवारों को ग्रुप इंश्योरेंस स्कीमों से जोड़ने और हादसे के शिकार हुए लोगों को पूरे आर्थिक लाभ दिए जाने की मांग की है।
इस मौके पर ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रधान मोहम्मद रफी, हिमाचल नारी सभा की जिला प्रधान सुषमा, अर्द्धनारीश्वर की प्रधान बिजली महंत व बिटिया फाउंडेशन की प्रधान सीमा सांख्यान भी मौजूद रहीं।
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