बिलासपुर। मार्च माह में शुरू होने वाला राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला इस बार बीमारियों से घिरा हुआ रहने की संभावना स्वास्थ्य विभाग ने जताई है, क्योंकि बिलासपुर में फैला डेंगू मेले में विकराल रूप धारण कर सकता है। अगर अभी से विभाग ने डेंगू के लारवे को खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए तो मेले में बिलासपुर सहित बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारी भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
विभाग का कहना है कि उन्होंने अभी से ही डेंगू के प्रति लोगों में जागरूकता शुरू कर दी है, ताकि लोगों को मेले के समय इसकी अधिक जानकारी प्राप्त हो सके। साथ ही लोग मेले में आने से पहले सावधानियां बरत लें।
बता दें कि बिलासपुर जिला पूरे प्रदेशभर में डेंगू मामलों को लेकर सबसे आगे है। यहां पर गर्मियों के मौसम में डेंगू से ग्रसित मरीजों की संख्या 2 हजार के करीब पहुंच गई थी। गनीमत यह रही कि सर्दियों का मौसम शुरू हो गया, जिसके कारण यहां पर डेंगू कम हो गया लेकिन स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि गर्मियां शुरू होते ही और मेले के आरंभ होने पर यह डेंगू पिछले साल की भांति इस बार और खतरनाक हो सकता है। विभाग ने यह भी माना है कि अभी तक शहर में काफी तादात में डेंगू का लारवा है जिसके कारण विभाग को खतरा बना हुआ है कि यह लारवा गर्मियां शुरू होते ही डेंगू मच्छर का रूप धारण कर लेगा और यहां के लोग एक बार फिर से इसकी चपेट में आ जाएंगे।
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बिलासपुर में है टायप-1 और टायप-2 का डेंगू
पीक सीजन के समय बिलासपुर में स्थिति से बाहर डेंगू को रोकने के लिए पुडुचेरी के वैज्ञानिक भी शहर का दौरा कर चुके हैं। वैज्ञानिकों ने यहां से सैंपल के आधार पर डेंगू मच्छरों को लिया था। वैज्ञानिकों ने इसकी रिपोर्ट भी बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग को दे दी थी जिसमें यह खुलासा हुआ था कि यहां पर फैला डेंगू टायप-1 और टायप-2 है। नलवाड़ी मेले में अगर सफाई और अन्य सावधानियां नहीं बरती गईं तो यह डेंगू विकराल रूप धारण कर सकता है। विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
डॉ. राजेश आहलूवालिया,एमएस बिलासपुर